sulabh swatchh bharat

शुक्रवार, 21 जून 2019

288e1c91-c35c-4f3e-9bb8-a1c5fa2cfe01

पगड़ी पहनने की इज़ाजत

126 सप्ताह पहले
न्यूयॉर्क पुलिस विभाग ने अपने सिख अधिकारियों को पगड़ी पहनने, दाढ़ी बढ़ाने और कड़ा पहनने की अनुमति दे दी है। अमेरिकी सेना के प्रमुख नेवी  सिख सैनिकों को पगड़ी और कड़ा पहनने की अनुमति दी है। रक्षा सचिव एरिक फैनिंग ने इस संदर्भ में हाल ही में एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में कहा गया है, 'सिख सैनिकों के लिए ब्रिगेड कमांड स्तर पर गुरूद्वारे के अनुरोध को स्वीकार किया जाएगा।’ अब तक इसके लिए सिख सैनिकों को रक्षा सचिव के द्वारा स्वत: अनुमति नहीं मिलती थी। लेकिन अब गुरूद्वारे की जरूरत को पूरी करने के लिए ब्रिगेड स्तर के कमांडर सुरक्षा मानकों की जांच करने के बाद अनुमति देंगे।सिख संगठन की कानूनी निदेशक हरसिमरन कौर ने इस फैसल...
db051258-e8ec-4239-8782-be5afa26be1f

स्वच्छता का सिपाही

126 सप्ताह पहले
मैं अक्सर लोगों से पूछता कि वो दिन में कितनी बार खाना खाते हैं, और उन्हें इसका जवाब मिलता है। लेकिन जब मैं उनसे पूछता हूं कि वे कितनी बार शौचालय जाते हैं, तो उन्हें इसका कुछ पता नहीं होता है। यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि उन्हें शौचालय जैसी मूल आवश्यकता के बारे में नहीं पता। टाइम्स मैगज़ीन को दिए एक इंटरव्यू में स्वच्छता के सिपाही और वल्र्ड टॉयलेट ऑर्गनाइजेशन के संस्थापक जैक सिम का यह कहना है। पर वह धीरे धीरे इस सोच को बदल ही नहीं रहे, बल्कि शौचालय व्यवसाय के अवसर के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। उनके द्वारा शौचालय दिवस के रूप में चुना गया 19 दिसंबर का दिन अ...
687c00f7-a8db-4d7b-8546-ec909f3e8448

देर आए, दुरूस्त आए

126 सप्ताह पहले
इससे पहले वहां प्राइमरी स्कूल 8.15 पर तो हाईस्कूल 7.30 बजे शुरू होते थे। लंबे समय से यह देखने को मिल रहा था कि जो बच्चे सुबह जल्दी स्कूल पहुंच जाते थे, उन्हें सामान्य होने में ही काफी वक्त लग जाता था। वे ऊर्जा से पूर्ण नही दिखते थे, उनकी आंखों में नींद होती थी। उससे निपटने के लिए 'ए माउंटेन ऑफ स्लीप रिसर्च’ की रिपोर्ट के आधार पर स्कूल खुलने का समय 45 मिनट आगे बढ़ाया गया और इससे बेहतर परिणाम मिलने लगे। रिसर्च रिपोर्ट कहती है कि छोटे और किशोरावस्था वाले बच्चों को ज्यादा नींद की जरूरत होती है। अगर उन्हें पर्याप्त नींद मिलेगी, तो स्कूल में बेहतर प्र...
95964332-ff77-459d-a300-c95a4563e823

नैनो डिस्क से कैंसर का इलाज

127 सप्ताह पहले
कैंसर के इलाज की दिशा में वैज्ञानिकों ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ऐसी नैनोडिस्क्स विकसित की गई हैं जिसकी मदद से कैंसर के मरीजों के मुताबिक वैक्सीन तैयार की जा सकती है। यह वैक्सीन शरीर के अंदर मौजूद कैंसर सेल्स को खत्म करती है और दोबारा कैंसर को होने से रोकती है। इस नैनोडिस्क तकनीक का परीक्षण उन चूहों पर किया गया, जिनमें मेलानॉमा और कोलॉन कैंसर के ट्यूमर्स थे। टीका लगने के बाद चूहे के रक्त में मौजूद 27 फीसदी टी-सेल्स ने ट्यूमर्स को निशाना बनाया। जब इम्यून चेक प्वांइट इंहिबिटर्स के साथ नैनोडिस्क तकनीक का इस्तेमाल किया गया, तो इलाज के 10 दिनों के अंदर ट्यूमर्स खत्म हो गए। इम्यून चेक प्वांइट इंहिबिटर्स पहले से मौजूद तकनीक है, जिसकी...
de4ccef9-58b1-4402-8e84-9edd429f40af

लाल ग्रह पर मिली बैंगनी चट्टानें

127 सप्ताह पहले
नासा के मंगल क्यूरियोसिटी अंतरिक्ष यान ने लाल ग्रह के पर्वतीय क्षेत्र को करीब से कैद किया है। इस क्षेत्र के  अगले हिस्से में बैंगनी रंग की चट्टानें नज़र आ रही हैं। अंतरिक्ष यान के मास्ट कैमरा (मास्टकैम) से ली गई तस्वीर में माउंट शार्प के निकट बैंगनी रंग की चट्टानें नजर आ रही हैं। दृश्य में ऊंची परत समेत मध्य दूरी भी नजर आ रही है, जहां भविष्य में मिशन को पहुंचना है। नासा ने बताया कि पर्वतों के रंग में अंतर माउंट शार्प की संरचना संबंधी विविधता की तरफ इशारा करता है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि अन्य पर्वतों के आगे के हिस्से का रंग बैंगनी पाया गया। वहीं क्यूरियोसिटी ने रासायनिक और खनिज उपकरण ने हेमाटाइट का पता लगाया है।
6e32b413-b420-41fa-8e69-03b57f26353e

शिक्षा के प्रति बहुआयामी दृष्टिकोण

127 सप्ताह पहले
क्या आप कभी अपनी रोजमर्रा की जिंदगी  में अलजेब्रा, रेखीय समीकरण और द्विरेखीय समीकरण का इस्तेमाल करते हैं? क्या आप कभी सोचते हैं कि गणित का मैट्रिक्स और ऐग्लोरिदï्म सीख कर आप अपनी जिंदगी में उसका कितना इस्तेमाल कर रहे हैं? या फिर स्कूल में रसायन शास्त्र के जो नए फॉर्मूले आपका सिर दर्द बढ़ा देते थे वे आज आपके लिए कितने उपयोगी हैं? इन पहेलियों का जवाब फिनलैंड ने अपनी शिक्षा पद्धति में बड़ा बदलाव लाकर दिया है। अब फिनलैंड के स्कूली बच्चों को सभी विषय अलग-अलग पढऩे की जरूरत नहीं है। अब उन्हें सभी विषयों को एक साथ जोड़ कर नए तरीके से पढ़ाया जाएगा। फिनलैंड शिक्षा के क्षेत्र में इस तरह का प्रयोग करने वाला पहला देश है। हालांकि वह...
0bbc4638-eebc-4853-89c3-5bfacdf86749

स्वच्छ ऊर्जा के लिए निवेश

129 सप्ताह पहले
भारत के लिए स्वच्छ ऊर्जा के लिए पर्यावरणोन्मुखी प्रौद्योगिकियों को अपनाना अपरिहार्य भी है। क्योंकि भारत में अस्थमा के जो करीब दो करोड़ मामले सामने आए हैं वे सभी कोयला संबंधित वायु प्रदूषण से जुड़े हैं। जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक में भारत 20वें नंबर पर है, जो इस बात को रेखांकित करता है कि भारत नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्रों में कितना प्रयास कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने इस प्रकार की प्रौद्योगिकी अपनाने पर जोर दिया है। केरी ने कहा कि आज दुनिया के हर देश के लिए नवीकरणीय ऊर्जा एक अहम जरूरत बन गई है। दरअसल भारत के साथ चीन और ब्राजील जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने नवीकरणीय प्रौद्योगिकियों में पिछले साल विकसित देशों से कहीं ज्यादा निवेश किया है। उन्होंने कहा कि अ...
934049d4-2ea1-42c3-a126-769f3963c861

प्रदूषण का पर्याय एल्बे सफाई की नजीर बनी

129 सप्ताह पहले
जर्मनी की एल्बे नदी कुछ वर्षों पहले तक प्रदूषण का पर्याय थी। पानी में गंदगी का स्तर कितना ज्यादा था इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदूषण के कारण उसमें रहने वाली मछलियों को अल्सर हो जाता था, और वह मर जाती थी। नदी में हमेशा प्लास्टिक और कूड़े-कचरे तैरते रहते थे। लेकिन आज एल्बे नदी की गिनती दुनिया की सबसे साफ नदियों में से एक में होती है। इतना ही नहीं अपनी सफाई की वजह से वह अब दूसरे देशों की नदियों के लिए नज़ीर बन गई है। उत्तरी सागर की ओर जाने के लिए एल्बे नदी महत्वपूर्ण जल मार्ग है। यह नदी हैंबर्ग से होते हुए ही उत्तरी सागर में जाकर मिलती है। कहन...
b7533930-884a-48c0-8692-e072ded1c649

वैकल्पिक ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत

133 सप्ताह पहले
पिछले साल पेरिस में हुए सीओपी21 सम्मेलन में दुनिया भर से अक्षय ऊर्जा के पैरोकारों का जमावड़ा दिखा। इस सम्मेलन में चाहे बिजनेस एक्जीक्यूटिव हों या राजनेता या फिर पर्यावरण से जुड़े कार्यकर्ता सभी ने एक सुर में 'सौ प्रतिशत अक्षय ऊर्जा’ को ही आगे बढ़ाने पर जोर दिया। अगर हाल में प्रकाशित अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संस्था (आईईए) की रिपोर्ट पर नज़र डालें तो उसमें भी यही संकेत मिलता है कि अक्षय ऊर्जा के सौ प्रतिशत लक्ष्य को पाने के लिए दुनिया सही दिशा की ओर अग्रसर है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार पूरे मानव इतिहास में पहली बार ऊर्जा क्षमता के सबसे बड़े स्रोत के रूप में कोयला आधारित ऊर्जा के स्थान पर अक्षय...
50163c9c-5209-4f84-99e2-399d705dfff6

सफाई की नज़ीर बनी टेम्स

133 सप्ताह पहले
हमारे देश में गंगा 'मां’ कही जाती है, तो इंग्लैंड में टेम्स नदी 'फादर’ कहलाती है। दुनिया भर में नदियों से लोगों का ऐसे ही जीवंत रिश्ता है। टेम्स के किनारे बसा है लंदन शहर। आज टेम्स विश्व की सबसे साफ नदियों में एक है। लंदन की खूबसूरती में चार चांद लगाती टेम्स को देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल है कि कभी यह दुनिया की सबसे प्रदूषित नदी हुआ करती थी। कभी प्रदूषण और बदबू की वजह से लोग इसके किनारे जाने से कतराते थे, लेकिन आज टेम्स का किनारा पर्यटकों का पसंदीदा स्थल बन गया है।   


Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो