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मंगलवार, 17 जुलाई 2018

नइशुते डउलो एक नगा सपना

अपनी बेहतर नौकरी छोड़ कर प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास और उन्हें रोज़गार उपलब्ध कराने का कठिन रास्ता एक नगा युवक ने चुना

बढ़ती बेरोज़गारी से परेशान होकर नगालैंड से अपना घर और शहर छोड़ कर रोज़गार की तलाश में जाने की तैयारी कर रहे करीब 15 हजार युवाओं को नइशुते डउलो न सिर्फ उन्हें विस्थापित होने से बचाया, बल्कि उनके लिए रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध करवाए।

नइशुते एक सफल जीवन जी रहे थे। वह बैपटिस्ट कॉलेज, कोहिमा में अर्थशास्त्र के व्याख्याता थे। लेकिन राज्य के युवाओं को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने और उन्हें मुख्यधारा से जोडऩे के लिए उन्होंने अपनी यह नौकरी छोड़ दी। 2000 में नौकरी छोडऩे के बाद उन्होंने आंत्रप्रेन्योर एसोशिएट्स की स्थापना नगालैंड के युवाओं के कौशल को विकसित करने और काम के लिए पूंजी तथा उनके उत्पादों को बाज़ार मुहैया कराने के लिए की। नइशुते का कहना है कि उन्होंने पूर्वोत्तर भारत के इस राज्य में शांति स्थापित करने और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने का काम किया है।

भारत से अलग होकर नगालैंड की स्थापना के लिए जारी नगा आंदोलन की वजह से इस क्षेत्र का आर्थिक विकास बहुत हद तक थम गया था। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में योगदान करने के लिए नगालैंड के लोग अब पूरी तरह से तत्पर हैं। एक दशक से अधिक के प्रयासों के बाद आंत्रप्रेन्योर एसोशिएट्स ने सफलतापूर्वक नगा और मणिपुरी आंत्रप्रेन्योर को लांच किया है। इस वजह से स्थानीय बाज़ार में तेजी आई है और इससे स्थानीय लोगों को रोज़गार उपलब्ध हुए हैं। नइशुते कहते हैं, 'मुझे इस बात का पूरा भरोसा है कि नार्थ ईस्ट का यह पूरा क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा। यह क्षेत्र अब देश के लिए जिम्मेदारी नहीं, जवाबदेह बनेगा।’

छोटी शुरुआत

आंत्रप्रेन्योर एसोशिएट्स की शुरुआत बहुत ही छोटी पूंजी से हुई थी। नइशुते कहते हैं, 'उन्होंने मात्र 7500 रुपए से इस यात्राकी शुरुआत की थी। हमने ग्रीटिंग कार्ड बनाए और चमड़े के बेल्ट और बैग बनाए। इसके सहारे हमने कुछ लाख रुपए जमा किए।’ लेकिन समय के साथ आंत्रप्रेन्योर एसोशिएट्स की पूंजी भी बढ़ी अब और छोटे कारोबार शुरू करने के लिए युवाओं को 16 प्रतिशत की दर से ब्याज पर आर्थिक मदद करते हैं। अब कंपनी ने अपनी सेवाएं मणिपुर में भी देने लगी है। 2014 में आंत्रप्रेन्योर एसोशिएट्स को आरबीआई ने एक ऋण देने वाली संस्था के रूप में मान्यता प्रदान की। उन्होंने कि ऋण के रूप में अब तक 150 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं। आंत्रप्रेन्योर एसोशिएट्स के कारोबार का सबसे बेहतर पक्ष है शत-प्रतिशत वसूली।

नइशुते डउलो कहते हैं, 'लोगों को प्रेरित करना हमारे लिए एक बड़ी चुनौती थी। हमने अब तक नगालैंड और मणिपुर में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से 15 हजार रोज़गार के अवसर उपलब्ध करवाए हैं।’ डउलो कहते हैं, 'आज 27 हजार से अधिक उद्यम सफलतापूर्वक चल रहे हैं। और तीन हजार पांच सौ किसानों के खेत और उनका जीवन आंत्रप्रेन्योर एसोशिएट्स की वजह से लहलहा रहा है।’

दूसरे राज्य की सरकारों ने अपने युवाओं को प्रशिक्षित करने और छोटे उद्यम स्थापित करने के लिए आंत्रप्रेन्योर एसोशिएट्स से संपर्क कर चुके हैं। डउलो कहते हैं कि आंत्रप्रेन्योर एसोशिएट्स का भविष्य उज्ज्वल है। उनके अथक प्रयासों से ही दशकों की हिंसा के बाद इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता का वातावरण बना है।



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