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रविवार, 23 सितंबर 2018

आइडिया जंक्शन

इनोवेट, रेनोवेट, मोटीवेट और कल्टीवेट इन चार शब्दों के सहारे भारतीय रेल का अंत्योदय करने का इरादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है। प्रधानमंत्री के इरादों से भारतीय रेल को सुनहरे सपनों का पंख लग गया है। भारतीय रेल के 163 साल के इतिहास में पहली बार रेलवे के कर्मचारियों ने सवा लाख इनोवेटिव आइडिया दिए। लेकिन रेलवे को जनता से और इनोवेटिव सुझावों की जरूरत है।

आप अपने परिवार के साथ रेलवे स्टेशन जा रहे हैं। रास्ते में पत्नी आप से कहती है कि स्टेशन पहुंचकर कुली को ढूंढऩा है, ताकि सामान आसानी से बोगी में चढ़ाया जा सके। इतने में आप स्मार्टफोन के एप्लीकेशन से कुली बुक भी कर लेते हैं और सोचते हैं कि इससे पत्नी खुश होकर आपको देखती रह जाएंगी और आप मन ही मन मुस्कुराएंगे। स्टेशन पहुंच कर प्लेटफॉर्म पर लगे टेलिविजन में रेलवे चैनल देखें और आपके बच्चे रिमोट लेकर रेलवे के कार्टून चैनल पर क्लिक करें। बोगी में आपकी निगरानी और सुरक्षा के लिए सीसीटवी कैमरा लगा हो और आपकी सुविधा के इंतजामात हों। यह सब सुनकर आपको ऐसा लग रहा होगा कि जापान और अमेरिका जैसे विकसित देश की ट्रेन की बात हो रही है। अगर आप ऐसा सोच रहे हैं तो बिल्कुल गलत सोच रहे हैं, क्योंकि यहां बात किसी अन्य देश की नहीं, बल्कि देश की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय रेल की हो रही है। हैरान और परेशान होने की जरूरत नहीं है, फिलहाल ये सुविधाएं भारतीय रेल में तो नहीं है परंतु इनोवेटिव आइडिया के रूप में जरूर है। वैसे बहुत जल्द ये इनोवटिव आइडिया हकीकत में नजर आने वाले हैं।

ये तो महज कुछ आइडिया हैं जिसे सुनकर आप आश्चर्यचकित हो रहे हैं। इस प्रकार के सवा लाख आइडिया रेलवे के पास आए हैं, जिनसे बहुत जल्द रेलवे की सूरत और सीरत दोनों बदलने वाली है। ये आइडियाज रेलवे ने किसी और देश से कॉपी नहीं किया है, न ही किसी इनोवेटिव आइडिया विशेषज्ञों की कमिटी ने सुझाए हैं,बल्कि ये आइडिया रेलवे कर्मचारियों ने अपने मंत्रालय को सुझाए हैं। रेलवे के 13 लाख कर्मचारियों के बीच से सवा लाख इनोवेटिव आइडिया रेल मंत्रालय को मिले हैं। सबसे निचले दर्जे पर काम करने वाले गैंगमैन से लेकर जोनल मैनेजर और रेलवे बोर्ड के चेयरमैन तक ने रेलवे के सुधार के लिए आइडिया सुझाए हैं। 18 से 20नवंबर तक हरियाणा के सूरजकुंड में हुए 'रेल विकास शिविर में कर्मचारियों द्वारा सुझाए गए इन इनोवेटिव आइडियाज पर विचार मंथन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आइडिया बॉक्स सोच के तहत ये आइडिया रेलवे को मिले हैं।

क्या है आइडिया बॉक्स

प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद से ही नरेंद्र मोदी भारतीय रेल की छवि सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और रेलमंत्री सुरेश प्रभु के प्रयासों के बाद भी रेलवे में सुधार की काफी गुंजाइश है। इस बात को देखते हुए प्रधानमंत्री की पहल पर रेलमंत्री ने अपने कर्मचारियों से रेलवे के सुधार के लिए इनोवेटिव आइडिया मंगाए थे। पिछले दिनों रेलवे के कर्मचारियों से यह पूछा गया था कि 'अगर वह एक दिन के लिए रेल मंत्री बन जाएं,तो क्या करेंगे?Ó रेलवे के लाखों कर्मचारियों ने रेल मंत्रालय को करीब सबा लाख सुझाव भेजे। इनमें अलग-अलग स्तर पर कुछ बेहतरीन आइडिया को चुना गया और सर्वश्रेष्ठ आइडिया को अमल में लाने के लिए मंथन किया गया। रेल मंत्रालय के अनुसार भारतीय रेलवे के 163 सालों के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि ऐसा कोई बुद्धिशील और नियोजक आयोजन सभी रेलवे कर्मचारियों को शामिल करके इतने बड़े पैमाने पर आयोजित किया जा रहा है।

बेहतरीन तीन आइडिया पुरस्कृत

प्रधानमंत्री ने 'रेल विकास शिविर’ के दौरान बेहतरीन आइडिया देने वाली तीन टीमों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया। तीनों टीमों का आइडिया रेलवे की 3 गुना वृद्धि से संबंधित था। किस प्रकार एक बिजनेस प्लान बनाकर रेलवे में वद्धि 5 वर्षों में 3 गुना बढ़ाई जा सकती है। इसी आइडिया पर सबसे बेहतर चुनी गई तीनों टीमों ने अपना ध्यान केंद्रित किया। रेलवे के बिजनेस को बढ़ाने के लिए बेहतरीन आइडिया देने वाली तीन बेस्ट टीमों को साउथ-सेंट्रल रेलवे, मेट्रो रेलवे कोलकाता और नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर रेलवे को पीएम ने स मानित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन आइडिया से हम भारतीय रेल को प्रगति के उच्च शिखर तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो हम सदियों में नहीं सोच सके, वह देश की जनता ने बताया है। इसलिए तीन महीने का आइडिया जेनरेशन कैंप और चलाया जाए। रेलवे की ओर से वेब पोर्टल चालू करें, ताकि लोग वहां अपना सुझाव दे सकें।

 

कोट्स

रेलवे को बदलना जरूरी

देश में प्रगति लाने के लिए जरूरी है कि हमारा रेलवे भी प्रगति करे। यह शताब्दी टेक्नोलॉजी के प्रभाव की शताब्दी है। भारत को समझना होगा कि भारत में गति और प्रगति रेल से मिलेगी। सारी दुनिया की रेल बदल चुकी है, क्या कारण है कि अभी भी हम एक सीमा में ही बंधे हैं। हर अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन हमें भी साथ में काम करना होगा। सोचिए कि रेलवे को कैसा बनाया जाए।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

 

10 हजार करोड़ बचाने का सुझाव

प्रधानमंत्री के भारतीय रेल के आधुनिकीकरण एवं कायाकल्प के सपने को साकार करने के लिए रेलवे के हर स्तर के कर्मचारियों को  मिलजुल कर प्रयास करने की जरूरत है। रेल विकास शिविर में  हमारे पास 10 हजार करोड़ सालाना बचत के सुझाव आए हैं। भारतीय रेल में प्रतिदिन करीब दो से तीन करोड़ लोग सफर करते हैं। जो सुझाव मिले हैं उन्हें जल्दी ही ऑपरेशनल करेंगे।

सुरेश प्रभु, रेल मंत्री



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