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रविवार, 23 सितंबर 2018

स्क्वैंजर्स सर्वेक्षण फिर से

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार और नगर निकायों को आदेश दिया कि वर्ष 2013 में सिर पर मैला ढोने वालों के पुनर्वास और इस तरह का काम रोकने के लिए बनाए गए कानून को देखते हुए फिर से उनका सर्वेक्षण किया जाए।

न्यायमूर्ति बदर दुरेज अहमद और न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि हर जिले और सब डिविजन में निगरानी समिति का गठन किया जाए ताकि सिर पर मैला ढोने वालों के आर्थिक और सामाजिक पुनर्वास की निगरानी की जा सके। अदालत ने सफाई कर्मचारियों के लिए राज्य आयोग बनाने का भी आदेश दिया जो निगरानी का काम करेगा और सिर पर मैला ढोने की प्रथा रोकने तथा उनके पुनर्वास अधिनियम 2013 को लागू करना सुनिश्चित करेगा।
दिल्ली सरकार को आदेश दिया गया कि कानून के तहत निरीक्षकों की नियुक्ति की जाए जो निगरानी करेंगे कि क्या कानून के किसी प्रावधान का उल्लंघन किया गया है। अदालत ने आदेश दिया कि नया सर्वेक्षण पूरा किया जाए और सुनवाई की अगली तारीख 15 मार्च को इसे पेश किया जाए। इसने चेतावनी दी कि आदेश का पालन नहीं करने पर अधिकारियों के खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्यवाही चलाई जाएगी। अदालत 2007 में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी जो सिर पर मैला ढोने वालों के पुनर्वास से संबंधित है।



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