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रविवार, 23 सितंबर 2018

स्वच्छ गंगा मिशन में तेजी

नई दिल्ली। केंद्र ने अपने महत्वाकांक्षी नमामी गंगे कार्यक्रम को लागू करने में तेजी लाने के लिए तीन मंत्रालयों के सचिवों की एक समिति गठित की है। इसके तहत इसकी योजना गंगा को अगले साल तक कचरा रहित बनाने की है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने गंगा पर अधिकार प्राप्त कार्य बल की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए समिति के गठन की घोषणा की। जल संसाधन, पर्यावरण एवं वन और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालयों के सचिव समिति के सदस्य होंगे। इसकी बैठक हर पखवाड़े में कम से कम एक बार होगी। कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए भारती ने राज्यों से, खासतौर पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश अनापत्ति प्रमाणपत्र हासिल करने में देर पर असंतोष जताया तथा कहा कि इन मुद्दों को यथाशीघ्र हल किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने विभिन्न राज्यों से राज्य एवं जिला स्तरीय गंगा समितियां यथाशीघ्र गठित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने अधिकारियों से पुरानी परियोजनाओं पर काम पूरा करने को कहा है।

मंत्री ने कहा कि फिलहाल 42 सीवेज बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। दिसंबर 2016 तक 253.50 एमएलडी सीवेज शोधन क्षमता तैयार की गई। इन परियोजनाओं के तहत 3,896.55 किमी सीवेज नेटवर्क बिछाया गया है। मंत्री ने बताया कि नदी की मुख्य धारा पर 4291 चिह्नित गांवों में फिलहाल 2,789 गांवों को खुले में शौच से मुक्त बताया गया है उन्होंने बताया कि कुल 8,96,415 (54 फीसदी) शौचालय बनाए गए हैं। नदी तट पर 182 घाट और 118 शवदाहगृह बनाएं जाने को मंजूरी मिली है। उन्होंने बताया कि 25 चयनित गांवों में तरल एवं ठोस कूड़ा प्रबंधन अगले तीन महीनों में शुरू हो जाएगा।



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