sulabh swatchh bharat

शनिवार, 15 दिसंबर 2018

नर्मदा विस्थापितों को मुआवजा

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर बन रही सरदार सरोवर परियोजना से होने वाले विस्थापितों के लिए मुआवजे का रास्ता आज साफ कर दिया। शीर्ष अदालत ने परियोजना की वजह से विस्थापित होने वाले प्रत्येक परिवार को 60 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया।

शीर्ष अदालत ने इस तरह के 681 परिवारों की शिकायतों का निवारण करने के लिए कई निर्देश दिए और परियोजना के विस्थापितों के मुआवजे और पुनर्वास के मुद्दे पर गौर करने के लिए शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीशों की तीन सदस्यीय समिति गठित करने के अपने प्रस्ताव को वापस ले लिया।

प्रधान न्यायाधीश जे एस खेहर, न्यायमूर्ति एन वी रमण और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने दो हेक्टेयर जमीन के लिए प्रत्येक परिवार को 60 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया। शीर्ष अदालत ने विस्थापित होने वाले लोगों से यह शपथ पत्र देने को कहा कि वे एक महीने के भीतर जमीन खाली कर देंगे। ऐसा नहीं करने पर अधिकारियों को जबरन उन्हें वहां से खाली कराने का अधिकार होगा। पीठ ने कहा कि वित्तीय मुआवजे पर विचार किया गया क्योंकि प्रस्तावित भूमि मुआवजा भूमि बैंक की अनुपलब्धता की वजह से व्यवहार नहीं था।



Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो