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रविवार, 18 नवंबर 2018

रेशम कीट को बढ़ावा

शिलांग। केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये रेशम कीट पालन हेतु 820 करोड़ रुपए जारी करने की घोषणा की है। इससे करीब चार लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध होगा। इनमें 70 प्रतिशत महिलाएं हैं।

स्मृति ने पहले निवेश शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘भारत सरकार 820 करोड़ रुपए की पूंजी डालकर क्षेत्र में रेशम कीट पालन को समर्थन देने की स्थिति में है।’ यह सम्मेलन विशेषतौर से पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिये हुआ है। उन्होंने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि इससे 3,95,000 परिवार लाभान्वित होंगे जिसमें 70 प्रतिशत महिलाएं हैं।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने हथकरघा, हस्तशिल्प, रेशम कीट पालन, परिधान और कपड़ा के प्रचार-प्रसार को लेकर क्षेत्र के लिये 1,040 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। उन्होंने असम के संभावित एरी सिल्क को शांति और महात्मा गांधी से जोड़ा जिसका मकसद अंतरराष्ट्रीय खरीदारों में इसको बढ़ावा देना है।

 

केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘एरी सिल्क को महात्मा की धरती से आने वाले ‘शांति रेशम’ के रूप में जोड़ा जा सकता है।’ उन्होंने कहा कि यह विचार विपणन के लिये अच्छा है और इसमें उद्योग को काफी मजबूती मिल सकती है। असम के उद्योग मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने भी असम रेशम की प्रशंसा करते हुये कहा कि गांधीजी भी असम के बुनकरों की काफी प्रशंसा करते थे। ‘गांधी ने उनकी प्रशंसा में लिखा है कि प्रत्येक असामी महिला जन्म से ही बुनकर होती है और वह अपने कपड़ों में परिकथायें बुनतीं हैं।’



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