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गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

गांव बने शौचालय युक्त

स्वच्छ भारत अभियान के तहत मेरठ के 44 गांवों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया।

स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य सभी गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराना है। वर्ल्ड बैंक साउथ एशिया की प्रोडक्ट मैनेजर और भारत सरकार के ग्रामीण स्वच्छता विभाग के सचिव ने इन 44 गांवों के ग्राम प्रधान को स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेेखनीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया। मेरठ की जिलाधिकारी बी.चंद्रकला ने बताया कि उनका लक्ष्य मार्च 2017 मेरठ जिले के सभी गांवों को खुले में शौच से मुक्त बनाना है। आपको बताते चलें की मेरठ के गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अभियान की सफलता का जायजा लेने के लिए विश्व बैंक और केंद्र सरकार की एक टीम ने मेरठ का दौरा किया। इस टीम में विश्व बैंक की प्रोडक्ट मैनेजर मिस मैकसान गिनिकैन और भारत सरकार के ग्रामीण स्वच्छता मंत्रालय के सचिव परमेश्वर अय्यर शामिल थे। विश्व बैंक की प्रोडक्ट मैनेजर मिस मैकसान गिनिकैन मेरठ में गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए किए गए प्रयास से खुश नजर आई और उन्होंने मेरठ के तारीफों की पुल बंधाते हुए बोली कि जिस प्रकार मेरठ में आजादी की चिंगारी पहली बार भड़की थी, उसी तरह मेरठ की जनता खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) के प्रति जागरूक दिखाई दे रही है।


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