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शनिवार, 20 अक्टूबर 2018

सबको शिक्षा सबका ध्यान

त्रपुरा में सरकार ने दिव्यांगों के लिए एक खास योजना तैयार की है, जिसके तहत स्कूल जाने में अक्षम दिव्यांगों को घर जाकर पढ़ाएंगे

सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए कानून बनाने के बाद त्रिपुरा सरकार ने इस तरफ कदम बढ़ाया है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा देने के लिए त्रिपुरा सरकार ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का लाभ उन दिव्यांग बच्चों को भी मिलेगा जो स्कूल जाने में सक्षम नहीं हैं। त्रिपुरा के प्राथमिक शिक्षा विभाग के निदेशक उत्तम कुमार चकमा ने कहा, 'छह से 14 साल के सभी बच्चों को स्कूल में लाने के लिए हमने रविवार को सप्ताह भर का विद्यालय चलो अभियान शुरू किया।’

उन्होंने कहा, 'दिव्यांग बच्चे स्कूल जाने में सक्षम नहीं होते। हमारे स्वयं सेवक उन्हें पढ़ाने के लिए उनके घर जाएंगे। यह सप्ताह भर का कार्यक्रम केंद्र द्वारा प्रायोजित सर्व शिक्षा अभियान के तहत शुरू किया गया है।’

चकमा के अनुसार, हाल के पारिवारिक सर्वेक्षण में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पाया कि इस साल अकादमिक सत्र शुरू होने से पहले पूरे राज्य में केवल 586 बच्चे औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह गए थे। उन्होंने कहा, 'विद्यालय चलो अभियान की निगरानी के लिए प्राथमिक शिक्षा विभाग ने 52 पर्यवेक्षकों और विद्यालय जाने में अक्षम दिव्यांग बच्चों को घरेलू शिक्षा देने के लिए 50 स्वयं सेवकों की नियुक्ति की है।’

वर्तमान में त्रिपुरा में आठवीं कक्षा तक के 569,512 छात्रों के लिए 3700 स्कूल हैं और राज्य में साक्षरता दर 96.82 प्रतिशत है, जबकि देश की साक्षरता दर 74.4 प्रतिशत है।



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