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सोमवार, 16 जुलाई 2018

समुद्र के अंदर मूर्तियों का शहर

मशहूर मूर्तिकार डिकेरेज टेलर ने समुद्र की गहराईयों में मूर्तियों के सहारे एक नई दुनिया रची है। इस दुनिया में व्यक्ति का एकांत भी है और शरणार्थियों का संकट भी

स्पेन के कैनेरी लैंजारोट द्वीप में समुद्र के भीतर बने यूरोप के पहले अंडरवाटर म्यूजियम 'म्यूजियो अटलांटिको, को लोगों के लिए खोल दिया गया है। यह अंडरवाटर म्यूजियम प्रशांत महासागर में 39 फुट की गहराई में बना है। इसे ब्रिटेन के मशहूर मूर्ति कलाकार, अंडरवाटर फोटोग्राफर, पर्यावरणविद और स्कूबा डाइविंग प्रशिक्षक जैसन डिकेरेज टेलर ने डिजाइन किया है। इसमें उनके द्वारा बनाए गए कुल 12 कला प्रतिष्ठानों में 300 से अधिक कलाकृतियां लगाई गई हैं। 2500 वर्ग मीटर में बनाए गए इस म्यूजियम के अद्भुत नजारे को समुद्र के अंदर 39 फीट नीचे गोताखोरी (डाइविंग) या स्नोर्कलिंग के जरिए देखा जा सकता है। जो लोग पानी के भीतर गोता लगाना नहीं चाहते वे इन कलाकृतियों को कांच की सतह वाली नाव में बैठकर देख सकते हैं। म्यूजियम को देखने के लिए डाइविंग की फीस 87 हजार रुपए और स्नोर्कलिंग की फीस 58 हजार रुपए रखी गई है। स्पेन की सरकार ने समुद्री जीवों के संरक्षण  के प्रति लोगों में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से इस म्यूजियम का निर्माण कराया।

इस म्यूजियम को बनाने में करीब 5 करोड़ रुपए का खर्च आया। जैसन की टीम को म्यूजियम में रखी जाने वाली मूर्तियां बनाने में तीन साल से अधिक समय लगा। इसे बनाने में उन्होंने स्थानीय कलाकारों की मदद भी ली। इसे बनाने में 'पीएच न्यूट्रल मैटीरियल, का इस्तेमाल किया गया है। पानी के अंदर ये कलाकृतियां बेहद खूबसूरत और एकदम सजीव लगती हैं। जैसन ने अपनी कलाकृतियों में इंसानों को टहलते, मोबाइल इस्तेमाल करते, फोटो और सेल्फी खींचते हुए दिखाया है। इस म्यूजियम में यूरोपीय देशों में शरणार्थियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भी कलाकृतियां बनाई गई हैं। शरणार्थी संकट की दास्तां बयां करती इस कलाकृति में शरणार्थियों को मदद के इंतजार में दिखया गया है। साथ ही चिता पर रखेे शव के साथ कई तरह की मूर्तियां लगाई गई हैं। 'म्यूजियो अटलांटिको, को इस तरह डिजाइन किया गया है कि दर्शक इसे अगले 100 साल तक देख सकेंगे। इसमें लगी मूर्तियां 100 वर्षों में खराब नहीं होंगी। लेकिन पानी के नीचे बदलते समीकरणों के कारण इन कलाकृतियों के आकार और डिजाइन में बदलाव आता रहेगा। म्यूजियम को बनाने में 'पीएच न्यूट्रल मैटीरियल, का इस्तेमाल होने के कारण यह समुद्री जीवों के लिए 'कृत्रिम कोरल रीफ, का काम भी करेगा। समुद्री पौधे और जीव इन कलाकृतियों के आसपास अपना डेरा जमा सकेंगे। यहां मछलियों की नई प्रजाति और समुद्र में बायोमास बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे। इस म्यूजियम का मकसद समुद्री जीवों का संरक्षण करने के साथ इंसान व प्रकृति के बीच के रिश्ते को मजबूत बनाना है। जैसन ने 2006 में वेस्टइंडीज के ग्रेनेडा में दुनिया का पहला अंडरवाटर स्कल्पचर पार्क बनाया। इस पार्क को नेशनल ज्योग्राफिक ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ 25 अजूबों में शामिल  किया है। इसके बाद जैसन ने 2009 में मेक्सिको के कैनकन और इस्ला मुजेरे द्वीप के बीच समुद्र्र में 'मूसा, (म्यूजियो सुवेक्युटिको डी आर्टे) अंडर वाटर स्कल्पचर पार्क बनाया। इस पार्क में विभिन्न प्रकार की 500 से अधिक कलाकृतियां लगी हैं। 2014 में उन्होंने बहामास में 'ओशियन एटलस, नामक कलाकृति बनाई, जिसका वजन 60 टन और लंबाई 5.5 मीटर है। यह पानी के भीतर बनाई गई अब तक की सबसे बड़ी कलाकृति है। जैसन ने लंदन की टेम्स नदी में 'द राइजिंग टाइड, नामक कलाकृति भी बनाई है। वे अंडरवाटर म्यूजियम और स्कल्पचर पार्क में पानी के भीतर अब तक करीब 900 कलाकृतियां स्थापित कर चुके हैं। वे 2014 में फॉरेन पॉलिसी ग्लोबल थिंकर अवॉर्ड से नवाजे गए थे। (एजेंसी) 



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