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शनिवार, 26 मई 2018

स्वच्छता के आदर्श बनेंगे देश के सौ प्रसिद्ध स्थल

प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार ने शुरू की योजना असम के कामाख्या मंदिर से इस परियोजना की होगी शुरुआत अवधेश कुमार मिश्र

देश के सौ प्रमुख स्थलों पर स्वच्छता का आदर्श स्थापित करने के लिए एक परियोजना की शुरुआत असम के कामाख्या मंदिर से होगी। इस परियोजना के प्रथम चरण के तहत देश के प्रमुख दस प्रसिद्ध स्थानों की पहचान की गई है, जहां आदर्श स्वच्छता को अंजाम दिया जाएगा। यह जानकारी केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने सुलभ स्कूल सैनिटेशन क्लब द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में सात देशों से आए छात्रों को संबोधित करने के दौरान दी।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री तोमर ने छात्रों से साल 2019 तक सौ प्रतिशत सफाई सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने स्वच्छता अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सौ प्रसिद्ध स्थानों की पहचान करने और फिर वहां की सफाई को उल्लेखनीय स्तर तक पहुंचाने को कहा है ताकि उन जगहों को आदर्श स्वच्छता के रूप में देश और दुनिया के लिए उदाहरण बनाया जा सके। प्रधानमंत्री के निर्देश पर ही केंद्र सरकार ने ऐसे कई स्थानों की पहचान कर वहां की सफाई को आदर्श स्तर तक पहुंचाने के लिए काम शुरू कर दिया है। अभी तक जिन जगहों की पहचान की गई है उनमें असम में कामाख्या मंदिर, अमृतसर में स्वर्ण मंदिर, मुंबई का छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, जम्मू स्थित वैष्णो देवी मंदिर, तिरुपति बालाजी मंदिर और राजस्थान का अजमेर शरीफ शामिल है।

तोमर ने कहा है कि कामाख्या धाम से आदर्श स्वच्छता परियोजना की शुरुआत होगी। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से योजना के क्रियान्वयन को लेकर केंद्रीय मंत्री तोमर की बातचीत भी हो चुकी है। इसके साथ ही कामाख्या मंदिर परिसर को स्वच्छता का मानक बनाने के लिए तीन महीने के अंतराल पर क्या सब किया जाना चाहिए इस को लेकर भी चर्चा हो चुकी है। उन्होंने खुले में शौच जाने से मुक्त करने के संकल्प के तहत देश के 21 जिलों को खुले में शौच मुक्त होने के



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