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सोमवार, 18 जून 2018

साक्षात्कार : अनुष्का शर्मा

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म 'सुल्तान’ के जबरदस्त हिट होने के बाद अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के जलवे सातवें आसमान पर हैं। फिल्म में उनकी भूमिका की काफी प्रशंसा हुई है। यही नहीं, उनके होम प्रोडक्शन की पहली फिल्म 'फिल्लौरी’ भी जल्दी ही पूरी होने ही वाली है। कामयाबी की बुलंदियों के इस मुकाम पर जब मुंबई स्टूडियो में बातचीत के लिए समय मांगा तो उन्होंने एक शर्त रखी। शर्त यह थी कि उनसे क्रिकेटर विराट कोहली से संबंधित कोई सवाल न पूछा जाए। हमारे मुंबई ब्यूरो चीफ असीम चक्रवर्ती से बातचीत के दौरान उन्होंने बाकी सभी सवालों के जवाब पूरी बेबाकी और विस्तार से दिए

आप लंबे समय बाद फिल्में कर रही हैं। कोई खास वजह?

कोई खास वजह नहीं है, लेकिन मीडिया स्टोरी बनाने में माहिर है। याद कीजिए डेढ़-दो साल तक शाहरुख खान की कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई थी। बाद में जब उनकी फिल्म आई तो मीडिया में कहा जाने लगा कि शाहरुख अमुक फिल्म से कम-बैक कर रहे हैं। यह कितना हास्यास्पद है। आपको समझना पड़ेगा कि कलाकार भी इंसान होते हैं। उनकी भी इच्छा हो सकती है कि ब्रेक ले लिया जाए। थोड़ा अपने आपको समय दिया जाए। फिल्म की शूटिंग में काफी मेहनत लगती है। शूटिंग में आप शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से निचोड़ लिए जाते हैं। इसीलिए एक फिल्म पूरी करने के बाद थोड़े आराम की जरूरत होती है। इसमें न कोई वजह छिपी है, न ही कोई फार्मूला...

पिछली बार बातचीत में आपने सलमान खान के साथ काम करने की इच्छा जताई थी। क्या वह ख्वाहिश पूरी हुई?

हां, सलमान के साथ काम करने की मेरी बड़ी इच्छा थी। सुल्तान फिल्म से वह पूरी हो गई। सलमान के साथ आगे भी काम करने में मुझे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन फिल्म के डायरेक्टर को मुझे यकीन दिलाना होगा कि वे फिल्म को ठीक से निभा पाएंगे। यह शर्त पूरी होने के बाद मैं यह देखती हूं कि फिल्म में मेरे अपोजिट कौन होगा। मेरी बात सुनने के बाद कुछ लोग सोचेंगे कि मैं कुछ ज्यादा ही घमंडी हूं जबकि असल में ऐसी कोई बात नहीं है। मैं हर समय यह कोशिश करती हूं कि जो भी फिल्म करूं, उससे दर्शकों को पूरा आनंद मिले। अच्छी फिल्म बनाने से पहले ही इस पर जोर देना जरूरी है ताकि फिल्म की स्क्रिप्ट दमदार हो। मैं खुशकिस्मत हूं कि सलमान के साथ इतनी अच्छी स्क्रिप्ट पर मुझे काम करने का मौका मिला। इसका एक दूसरा पहलू भी है। सुल्तान में सलमान के साथ काम करने का मौका पाकर मैं खुद पर फख्र महसूस करती हूं। आखिर वे एक मेगास्टार हैं। उनकी फैन फॉलोइंग बेहिसाब है। इसीलिए उनके साथ काम करने का मतलब है कि आपका काम ओैर भी ज्यादा लोगों तक पहुंचेगा।

शाहरुख, आमिर, और सलमान...तीनों खान के साथ काम करने की तमन्ना आपकी पूरी हो गई

इन तीनों खान की सबसे बड़ी बात यह है कि वे हमेशा अपने फैंस को लेकर चलते हैं। वे जिस प्रकार अपने फैंस के लिए ट्वीट करते रहते हैं, वह काबिल-ए-तारीफ है। शाहरुख ने मुझसे एक बार कहा था कि तुम कितनी भी बड़ी हो जाओ अपने फैंस को कभी मत भूलना, क्योंकि उनके बिना हमारा कोई अस्तित्व ही नहीं रहेगा। उनकी वह बात मैं हमेशा याद रखती हूं। शाहरुख, सलमान और आमिर तीनों को ही मैंने देखा है। लाख व्यस्तता के बावजूद वे अपने फैंस के लिए जरूर समय निकाल लेते हैं। उनके साथ रेगुलर इंटरैक्ट करते हैं। असल में बड़े होने के लिए पिछली सारी बातें ध्यान में रखनी होंगी। जमीन पर पैर रखकर चलना बहुत जरूरी है।

सलमान की फिल्म में नायिका के लिए कुछ ज्यादा करने को रहता नहीं...  

लेकिन मैं इस तरह से नहीं सोचती हूं। जैसा कि मैंने पहले ही कहा है, मेरे लिए स्क्रिप्ट सबसे ऊपर है। स्क्रिप्ट पसंद आने के बाद मैं सिर्फ अपनी तैयारी पर ध्यान देती हूं। रेसलर होने का मतलब मोटा होना नहीं होता है। इसीलिए रेसलिंग में अलग-अलग वेट कैटेगरी होती है। ऐसे ढेरों रेसलर हैं जो मोटे नहीं हैं। वैसे भी सुल्तान इज नाट ओनली एबाउट सलमान....फिल्म देखने के बाद समझ में आ जाएगा कि मैंने क्या कहना चाहा है। कम से कम सलमान की इस फिल्म में आप ऐसा नहीं कह सकते कि मेरे करने लायक कुछ नहीं था।

आप यशराज की कोई फिल्म रिफ्यूज़ नहीं कर पाती हैं। कोई खास वजह?

यशराज मेरी फैमिली की तरह हैं। उन्होंने ही मुझे पहली बार मौका दिया था। आदित्य चोपड़ा की तो मैं ताउम्र आभारी रहूंगी। वैसे करन जौहर ने शुरू-शुरू में आदित्य चोपड़ा को फिल्म 'रब ने बना दी जोड़ी’ में मुझे कास्ट न करने की सलाह दी थी। लेकिन मैंने अपने ऊपर विश्वास रखा। वैसे भी मुझे जानने वाले लोग अच्छी तरह जानते हैं कि मै कभी किसी का उपकार नहीं भूलती हूं।

लेकिन कई सेलिब्रिटी ने अपनी सोच बदल ली है  

मैं मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आई हूं। फिल्म इंडस्ट्री में किसी के साथ भी मेरा कोई कनेक्शन नहीं था। मैं यहा किसी को नहीं पहचानती थी। आज तक जो भी किया है खुद किया है, किसी की मदद या सिफारिश से नहीं किया है। इसीलिए मेरी जैसी लड़कियां कभी भी अपनी जड़ों को नहीं भूलतीं। मैं जिस जगह से आई हूं उसे कभी नहीं भूल पाऊंगी। बाहर के लोगों के लिए भले मैं एक सेलिब्रिटी हूं, लेकिन अनुष्का कभी नहीं बदलेगी। अभी भी दोस्तों के साथ डिनर पर जाने और मम्मी-पापा के साथ घूमने जाने जैसी बातों में ही मुझे खुशी मिलती है।

कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया में आपको लेकर काफी शोर मचा था

प्लीज़, इस विषय पर बात कर मैं अपना समय नष्ट नहीं करना चाहती हूं। मैं सिर्फ इतना कहूंगी कि सोशल मीडिया बहुत पॉवरफुल है। इस माध्यम को सही ढंग से उपयोग कीजिए। सोशल मीडिया में जो लोग हमारे बारे में अंट-शंट लिखते हैं असल में वे लोग खूद लूज़र हैं। जीवन में कुछ कर नहीं पाते हैं इसीलिए सोशल मीडिया में गंदगी फैलाने में अपना वक्त बिताते हैं। पहले इस सब पर बहुत सोचती थी, लेकिन अब समय बर्बाद नहीं करती हूं। सभी से मैं एक ही बात कहना चाहती हूं। हम सेलिब्रिटी के जीवन में भी समस्याएं हैं। आप बड़े घर में रहें या छोटे घर में समस्याएं हर जगह होती हैं। इसीलिए सेलिब्रिटी के व्यक्तिगत जीवन के बारे में ज्यादा बातें करना बंद कीजिए।  

इधर आप शाकाहारी हो गई हैं जबकि 'रब ने बना दी जोड़ी’  फिल्म रिलीज़ होने के बाद एक साक्षात्कार में कहा था कि आपको चिकेन खाना अच्छा लगता है

हां, मैं पिछले दो साल से वेजिटेरियन हूं। इसीलिए खाने के लिए बाहर जाने में मुश्किल होती है। जबकि मौका मिलते ही मैं दोस्तों के सथ डिनर करने के लिए बाहर किसी रेस्तरां में चली जाती हूं। लेकिन वहां मेन्यू में 200 से ज्यादा डिश में महज पांच-छह ही वेजिटेरियन होती हैं। तब सोचती हूं कि यहां खाऊंगी क्या...सुल्तान के लिए मुझे काफी प्रोटीन चाहिए था। पनीर मुझे थोड़ा भी नहीं भाता लेकिन प्रोटीन के लिए वो भी खाना पड़ता था।

प्रियंका और दीपिका की तरह क्या आपकी भी हॉलीवुड में जाने की इच्छा है

अभी तो बिल्कुल नहीं, लेकिन हां, मिनिंगफुल कुछ मिलने पर हॉलीवुड जाना चाहती हूं। वहां सिर्फ अपना चेहरा दिखा कर कुछ लाभ नहीं होगा। प्रियंका या दीपिका जो भी कर रही हैं वह तारीफ के काबिल है। हैट्स टू देम...फिलहाल तो मैं करन जौहर की फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल’ और अपने होम प्रोडक्शन की फिल्म 'फिल्लौरी’ को लेकर व्यस्त हूं।

हाईलाइट

मैं मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आई हूं। फिल्म इंडस्ट्री में किसी के साथ भी मेरा कोई कनेक्शन नहीं था। मैं यहां किसी को नहीं पहचानती थी। आज तक जो भी किया है खुद किया है, किसी की मदद या सिफारिश से नहीं किया है। इसलिए मेरी जैसी लड़कियां कभी भी अपनी जड़ों को नहीं भूलतीं



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