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शुक्रवार, 17 अगस्त 2018

5,000 गांव खुले में शौच से मुक्त

स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने की तरफ छत्तीसगढ़ ने एक कदम और बढ़ा दिया है।

'उज्जर-सुघ्घर, हमर छत्तीसगढ़’ का सपना धीरे-धीरे साकार होने लगा है। राज्य में अब तक 18 विकास खंडों और 2849 ग्राम पंचायतों के पांच हजार से ज्यादा गांवों के लोग खुले में शौच की समस्या से मुक्त हो चुके हैं। इन गांवों में अभियान शुरू होने के दो वर्ष से भी कम समय में लगभग आठ लाख घरों में शौचालय बन चुका है। स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत 18 विकास खंड और 2849 ग्राम पंचायतों (5106 गांव) को खुले में शौच मुक्त किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में 1070 ग्राम पंचायतों के 2066 गांवों को खुले में शौच मुक्त किया गया। चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 में तीन लाख 91 हजार शौचालय बनाए गए हैं। इसी क्रम में प्रदेश के अन्य 16 विकासखंडों- लुंड्रा, बतौली, सोनहत, मगरलोड, कुरूद, डोंगरगांव, मोहला, मालखरौदा, तमनार, प्रेमनगर, मरवाही, डौंडी, चारामा, डोंगरगढ़, दुलदुला एवं सहसपुर लोहारा पूर्णत: खुले में शौच से मुक्तहुए हैं। (आईएएनएस)



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