sulabh swatchh bharat

शनिवार, 22 सितंबर 2018

शौचालय : तन का मंदिर

मन का मंदिर देवालय है तो शौचालय को तन का मंदिर कहा जा सकता है। शौचालय को लेकर देश में जागरुकता इस कदर फैली कि कहीं शादी नहीं होती, तो कहीं नौकरी नहीं मिलती। किसी का सामाजिक बहिष्कार किया जाता है, तो किसी को कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं

 संजय त्रिपाठी

एक वक्त ऐसा भी था जब शौचालय के बारे में बात करने से भी लोग कतराते थे और आज वही देश, वही लोग हैं जो शौचालय के प्रति न सिर्फ  जागरुक हो रहे हैं, बल्कि उससे 'प्यार' भी करने लगे हैं। 'टॉयलेट : एक प्रेम कथा' जैसी फि ल्में बन रही हैं। पारिवारिक रिश्ते बिगड़ ना जाए इसके लिए लोग अपने घरों में टॉयलेट बनवा रहे हैं। घर में टॉयलेट बनाने का मामला कोर्ट-कचहरी तक पहुंचने लगे हैं। सबसे बड़ी बात माननीय प्रधानमंत्राी श्री नरेंद्र मोदी की बातों का गहरा प्रभाव युवाओं और बच्चों पर पड़ा है। अब छत्तीसगढ़ के बालोद-दुर्ग मार्ग स्थित पड़कीभाट गांव की बालिका कमांडो को ही लें, गांव की बहू-बेटी और महिलाएं खुले में शौच न जाएं इसके लिए गांव की 20 बेटियां सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए चंदा इक्कठा कर रही हैं। 30 हजार रुपए के लक्ष्य को पाने के लिए घर-घर चंदा मांग रही इन बालिकाओं ने अब तक 12 हजार रुपए इक्कठा कर लिया है। इन सभी बालिकाओं की उम्र 14 से 18 वर्ष के बीच है और सभी स्कूल कॉलेज की छात्राएं हैं।

मध्य प्रदेश के खंडवा जिला के बरूड़ गांव की 68 वर्षीय उमाबाई के जीवन की खुशी उनकी नातिनों से है। पति की मृत्यु के बाद घर में मन नहीं लगता था, लेकिन जब नातिनें मिलने आती थीं तो माहौल बदल जाता था। धीरे-धीरे नातिनों ने नानी के यहां आना बंद कर दिया। उमाबाई की चार बेटियां हैं। इनमे दो की शादी इंदौर और दो की खंडवा में हुई है। घर नहीं आने का कारण पूछा तो बड़ी बेटी उर्मिला खंडवा की बेटियां जागृति व गुडिय़ा ने कहा कि जब तक आपके घर में शौचालय नहीं बन जाता हम नहीं आ सकतीं। नातिनों की बात से आहत उमाबाई ने अगले ही दिन शौचालय निर्माण का आवेदन ग्राम पंचायत में दे दिया। शौचालय निर्माण उसने उधार में करवाया और जब उनके खाते में स्वच्छ भारत मिशन की प्रोत्साहन राशि 12 हजार रुपए जमा होते ही उन्होंने सबों की उधारी भी चुका दी और साथ ही नातिनों का भी आना-जाना शुरू हो गया।

खबर ग्वालियर से आई है। युवा आदिवासी इमरत की शादी तय हो गई थी, लेकिन शादी के कुछ दिन पहले उसने घर में शादी करने से यह कहते हुए इंकार कर दिया कि जब तक घर में शौचालय नहीं बन जाता वह शादी नहीं करेगा। घोड़ी नहीं चढ़ेगा। दरअसल इमरत घर की महिलाओं के बाहर खुले में टॉयलेट जाने की मजबूरी से पहले ही चिंतित और नाराज़ रहता था। उसे अब यह भी लगने लगा कि उसकी पत्नी को भी खुले में शौच जाना पड़ेगा। ऐसे में उसने शादी करने से ही इनकार कर दिया। इमरत ने खुद मेहनत करके शौचालय का गड्ढा खोद डाला, लेकिन आर्थिक हालत ठीक नहीं होने से इसके आगे वह कुछ करने की स्थिति में नहीं था। दूल्हे के इस जिद को देखकर शादी का नया मुहूर्त निकाला गया। इमरत के घर में टॉयलेट बनवाने का काम शुरू हो गया है।

अब मध्य प्रदेश के नीमच जिले के स्कूली बच्चों की 'स्वच्छ भारत अभियान' में भूमिका देखिए। यहां के बच्चे अपने अभिभावकों से चॉकलेट टॉफी नहीं बल्कि घर में शौचालय बनवाने की जिद कर रहे हैं। प्रशासन के साथ जनजागृति अभियान में लगे ये बच्चे गांव-गांव में स्वच्छता रैली कर रहे हैं। इसका प्रभाव भी पड़ रहा है। बच्चों की जिद के आगे ग्रामीण को अपने-अपने घर में शौचालय बनवा भी रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम 'स्वच्छ भारत' का संबोधन चुपचाप जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। बिहार भी इससे अछूता नहीं है। विक्रमगंज जिला का संझौली ब्लॉक को खुले में शौच से मुक्त कराने में फूलकुमारी जिन्होंने अपना मंगलसूत्र गिरवी रखकर शौचालय बनवाया के साथ-साथ उदयपुर पंचायत की सरोज कुमारी और विभेद पासवान का विशेष योगदान रहा है। सरोज कुमारी के पति का निधन शौच जाने के दौरान सांप काटने से हुआ। तब से वे शौचालय निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित कर रही हैं। अपनी कहानी बताकर लोगों से शौचालय बनवाने का आग्रह करती और उन्हें समझाती कि अगर वे अपने पति और बच्चों की सलामती चाहती हैं तो अपने घरों में शौचालय बनवाएं। इन्हीं स्वच्छता दूतों में विक्रमगंज के ही विभेद पासवान जैसे लोक गायक इस मुहिम को जन आंदोलन का रूप देने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पासवान शौचालय निर्माण के महत्व पर गीत लिखते हैं और लोगों के बीच गाते हैं और उन्हें प्रेरित करते हैं। शौचालय बनवाने का मुद्दा कोर्ट-कचहरी में पहुंच रहा है। हरियाणा के पानीपत में सास ने घर में शौचालय बनवाने से मना कर दिया तो बहू अदालत पहुंच गई। इसके बाद सास शौचालय बनवाने को तैयार हो गई। मूल रूप से बिजनौर के दुल्लेपुर की रहने वाली फूलो ने 17 वर्ष पूर्व पानीपत के खाटीकान बस्ती के रहने वाले राजेश से प्रेम विवाह किया था। तीन साल पहले राजेश की मां ने दोनों की शादी को स्वीकार कर लिया। बहू और उनके बच्चों को घर ले आई। बड़ी होती बेटियां खुले में शौच के लिए ना जाएं इसके लिए फूलो ने घर में शौचालय बनवाने के लिए गड्ढा खुदवाया, लेकिन सास ने घर में तोड़-फोड़ करने से मना कर दिया। सास सुनहरी का यह रवैया फूलो को रास न आया और उसने महिला संरक्षण अधिकारी की मदद से सितंबर में कोर्ट में याचिका दायर कर दी। तब जाकर सुनहरी शौचालय बनवाने के लिए सहमत हुई। फूलो का शौचालय बनवाने के लिए कानूनी सहायता लेना जागरुकता की ओर संकेत करता है।

उत्तर प्रदेश सिद्धार्थ नगर जिला मुख्यालय से 15 किमी दूर बसावनपुर गांव की नीतू सिंह अपने जिले में किसानों को तकनीक आधारित उन्नतशील खेतों की जानकारी देती हैं, लेकिन अब स्वच्छता मिशन से जुड़कर गांव में शौच से होने वाली बीमारियों के बारे में जागरूक करती हैं। वे उन लोगों के बीच अधिक आती जाती हैं जिनके घरों में शौचालय तो है, लेकिन वे उसका प्रयोग नहीं करते। नीतू के प्रयास से उनके गांव में 50 से भी ज्यादा शौचालय बन गए हैं। शौचालय की गुणवत्ता बनी रहे इसके लिए वे अपने सामने लोगों के घरों में शौचालय बनवाती हैं।

राजस्थान के धौलपुर जिले के नुन्हेरा गांव की एक घटना ने सपना तोमर को इस हद तक झकझोर दिया कि जब तक उसके गांव के सभी घरों में शौचालय बन नहीं जाते वह चप्पल नहीं पहनेगी। दरअसल सपना की एक दोस्त जब शौच के लिए जा रही थी तो दो लोगों ने जंगल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उस दिन से ही उसने प्रण ले लिया कि वह अपने गांव की महिलाओं और लड़कियों को बाहर शौच के लिए नहीं जाने देगी। सपना अब तक 62 परिवारों को शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित कर चुकी है।

राजस्थान के प्रमोद वाघ पेशे से नाई हैं 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत प्रमोद ने हर घर में शौचालय बने इसके लिए एक अनोखा प्रयास किया है। उन्होंने घोषणा कर रखी है कि जो व्यक्ति अपने घर में शौचालय बनवाएगा वे साल भर उसकी मुफ्त में दाढ़ी कटिंग करेंगे। जब कोई खुले में शौच के लिए जाता है तो वे उसे टोकते भी हैं। मध्य प्रदेश के मुरैना जिला में महिलाओं ने खुले में शौच जाने से लोगों को रोकने के लिए एक अलग ही अभियान चला रखा है। यह महिलाएं उनका लोटा छीन लेती हैं जो शौच के लिए बाहर जाते हैं। जिला प्रशासन भी उन महिलाओं का साथ दे रहा है।



Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो