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बुधवार, 18 जुलाई 2018

जज़्बे को सलाम

अपनी जान जोखिम में डाल कर बचाई 13 लोगों की जान

हाड़ कंपा देने वाले ठंढ़ में हुए पटना नाव हादसे के बाद गंगा नदी में डूब रहे लोगों के बीच महेंद्रूके गांधी घाट इलाके के रहने वाले एक शख्स ने 15 मिनट में 13 लोगों की जान बचाई। अमरनाथ नामक इस शख्स ने अपने दोस्त अजय की मदद से यह कारनामा कर दिखाया। इस दुखद हादसे में हालांकि 24 लोगों की जानें चली गईं। अमरनाथ ने अपने दोस्त की मदद से गंगा नदी में कूदकर आठ लोगों को बोट पर तो 5 महिलाओं को पानी से निकालकर घाट के किनारे तक पहुंचाया। दरअसल मकर संक्रांति की शाम करीब 5 बजे अमरनाथ अपने दोस्तों के साथ एनआईटी घाट पर पहुंचा था। मगध विश्वविद्यालय के बिहारशरीफ स्थित एनआरआई कॉलेज  में बीए का छात्र अमरनाथ बचपन से ही तैराक है। वह गंगा नदी के पास घर होने के कारण पहले वह नियमित रूप से नदी में तैराकी करता था। घटना के दिन अमरनाथ अपने दोस्त अजय के साथ पटना के एनआईटी घाट पर पहुंचा  और घूमने-फिरने के इरादे से दियारा जाने के लिए मोटरबोट पर सवार हो गया। अमरनाथ के मुताबिक, शाम का धुंधलका होने के कारण वह दूर से दुर्घटनाग्रस्त नाव को ठीक से नहीं देख पा रहा था। नजदीक जाने पर लगा कि 40 से 50 लोग गहरे पानी में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। थोड़ी ही देर बाद नदी के बीच में पहुंचते ही उसकी नजर डूब रहे लोगों पर पड़ी। जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहे लोग मौत की मुहाना बनी पानी में हाथ-पैर मार रहे थे। ऐसे में किसी मसीहा की तरह पहुंचकर अमरनाथ ने अपने दोस्त की मदद से इस साहसिक घटना को अंजाम दिया।



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