sulabh swatchh bharat

मंगलवार, 14 अगस्त 2018

देर आए, दुरूस्त आए

न्यूयॉर्क के पास छोटा-सा शहर डॉब्स फेरी की आबादी मात्र 11 हजार है और वहां सुबह साढ़े छह से आठ बजे तक स्कूल बसें अब नही दिखती हैं। जबकि पिछले सत्र के पहले ऐसा होता था। पिछले सितंबर में डॉब्स फेरी का डिस्ट्रिक स्कूल भी अमेरिका के उन स्कूलों में शामिल हो गया, जहां सुबह का वक्त 45 मिनट आगे बढ़ाया गया है।

इससे पहले वहां प्राइमरी स्कूल 8.15 पर तो हाईस्कूल 7.30 बजे शुरू होते थे। लंबे समय से यह देखने को मिल रहा था कि जो बच्चे सुबह जल्दी स्कूल पहुंच जाते थे, उन्हें सामान्य होने में ही काफी वक्त लग जाता था। वे ऊर्जा से पूर्ण नही दिखते थे, उनकी आंखों में नींद होती थी। उससे निपटने के लिए 'ए माउंटेन ऑफ स्लीप रिसर्च’ की रिपोर्ट के आधार पर स्कूल खुलने का समय 45 मिनट आगे बढ़ाया गया और इससे बेहतर परिणाम मिलने लगे। रिसर्च रिपोर्ट कहती है

कि छोटे और किशोरावस्था वाले बच्चों को ज्यादा नींद की जरूरत होती है। अगर उन्हें पर्याप्त नींद मिलेगी, तो स्कूल में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।



Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो