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रविवार, 18 नवंबर 2018

डेंगू रोकथाम जल्द

नई दिल्ली। भारत ने वैश्विक रोगवाहक (वेक्टर) नियंत्रण तरीके पर प्रयोगशाला जांच कराने के लिए ऑस्ट्रेलिया के एक विश्वविद्यालय के साथ भागीदारी की। इस तरीके में स्वाभाविक रूप से होने वाले जीवाणु को वायरल संचरण रोकने के लिए डेंगू विषाणु वाले मच्छरों में दाखिल करवाया जाता है।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और मोनाश विश्वविद्यालय के बीच दस्तखत हुए सहमति पत्र के तहत जमीनी परीक्षण के पहले पुडुचेरी के वेक्टर कंट्रोल रिसर्च सेंटर (वीसीआरसी) में रोग नियंत्रण तरीकों की प्रभावशीलता का परीक्षण होगा। विश्वविद्यालय में डेंगू खत्म करने के कार्यक्रम के निदेशक और प्रोफेसर स्कॉट ओ नील ने कहा, ‘मोनाश विश्वविद्यालय में छह साल पहले इस रणनीति पर काम किया गया। एडीस इजिप्टी मच्छरों में वोल्बाचिया विषाणु को दाखिल करने का परीक्षण ऑस्ट्रेलिया के केयर्न्‍स में शुरू हुआ। परिणाम बढ़िया रहा।’ उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया के अलावा हमने कुछ अन्य देशों- ब्राजीलकोलंबिया,इंडोनेशिया और वियतनाम के साथ भागीदारी की जहां ऐसे तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब भारतीय माहौल में इसका परीक्षण होगा।’ स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग और आईसीएमआर की महानिदेशक सौम्या स्वामीनाथनप्रोफेसर ओ नीलवीसीआरसी निदेशक पी जंबुलिंगम एवं अन्य वरिष्ठ अध्ययनकर्ताओं की मौजूदगी में समझौते पर दस्तखत किए गए। उन्होंने कहा, ‘‘परीक्षण का पहला चरण 12 महीने के लिए होगा।’’



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