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गुरुवार, 19 अप्रैल 2018

डिजिटल हो रहा इंडिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल तकनीक की मदद से शासन और आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने का जो सपना दिखाया था, 'डिजिटल इंडिया ' के माध्यम से उसके बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं

 उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में रहने वाले दयाशंकर उपाध्याय को पहले धान की फसल बेचने के लिए मंडी में अपनी बारी के इंतजार में घंटों खर्च करना पड़ता था। इसके लिए कई बार उन्हें बिचौलियों का भी सहारा लेना पड़ता था। लेकिन अब ई-क्रय प्रणाली के जरिए वह घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन ले लेते हैं और मंडी जाकर अपनी फसल बेच आते हैं। इससे न तो समय की बर्बादी होती है और न ही किसी बिचौलिए के झंझट में पडऩा होता है। बिहार के झंझारपुर से एम्स इलाज कराने के लिए आने वाले रामकृपाल साहनी को अब एप्वाइंटमेंट लेने के लिए कई-कई दिनों तक एम्स के चक्कर नहीं काटने पड़ते। ई-हेल्थ सेवा के जरिए घर बैठे ही वह ऑनलाइन एप्वाइंटमेंट ले लेते हैं और नियत तिथि पर एम्स आकर आसानी से अपना इलाज करवा लेते हैं। कुछ साल पहले तक घर बैठे-बैठे ये सब काम होना किसी सपने से कम नहीं था। लेकिन भारत सरकार की 'डिजिटल इंडिया ' योजना ने इस सपने को साकार कर दिया है। देश के हर गांव-हर शहर को इंटरनेट से जोडऩे के उद्देश्य से इस महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जुलाई 2015 को की।

डिजिटल इंडिया का उद्देश्य

देश को भविष्य के लिए तैयार करने, परिवर्तन के लिए टेक्नालॉजी के बेहतर इस्तेमाल और काम के तरीकों का डिजिटलीकरण करने के उद्देश्य से डिजिटल इंडिया की शुरुआत की गई। इसका मुख्य उद्देश्य देश को ई-इकोनॉमी के रूप में बदलना है। सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने और लालफीताशाही को कम करके प्रभावी प्रशासन चलाने के लिए सभी सरकारी विभाग और जनता को एक दूसरे से डिजिटल रूप से जोडऩे के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। ई-गवर्नेंस और ई-क्रांति के माध्यम से कामकाज का जल्द निपटारा किया जाएगा। देश के सभी लोगों को इंटरनेट से जोडऩे और उनके जीवन की राह आसान बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का असर काफी तेजी से देखने को मिल रहा है। योजना के प्रमुख प्रोजेक्ट जैसे कि डिजिटल लॉकर सिस्टम जिसमें कागजात की जगह ई-डॉक्यूमेंट पर जोर होगा, स्वच्छ भारत मिशन जैसे कार्यक्रम मोबाइल पर आ गए हैंई-हॉस्पिटल के जरिए अस्पतालों में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू हो गई है। नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के जरिए छात्रों को छात्रवृत्ति की जानकारी मिल रही है। bharatnet यानी हाई स्पीड डिजिटल हाइवे ढाई लाख पंचायतों को जोडऩे का काम करेगा, हस्ताक्षर में धोखाधड़ी को रोकने के लिए सभी जगहों पर ई-सिग्नेचर की शुरुआत की जा रही है। शिक्षा को बेहतर बनाने और ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए ई-एजुकेशन पर तेजी से काम हो रहा है। नेक्स्ट जेनेरेशन नेटवर्क और वाई-फाई के जरिए बेहतर इंटरनेट सुविधा मुहैया कराई जा रही है।

बदलेगी भारत की सूरत

एक लाख 13 हजार करोड़ की लागत से संचालित डिजिटल योजना से वर्ष 2019 तक देश के 2.5 लाख शैक्षणिक संस्थानोंसभी विश्वविद्यालयों में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इस योजना के तहत 1.7 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रूप से और 8.5 करोड़ लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के मौके उपलब्ध होंगे। देश के 2.5 लाख गांवों में हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा और युनिवर्सल फोन कनेक्शन मिलेगा। चार लाख कम्युनिटी इंटरनेट एक्सेस प्वाइंट बनाए जाएंगे। आईटी, टेलिकॉम और इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में 1.7 करोड़ लोगों को ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर मिलेंगे साथ ही सभी सरकारी विभाग में ई-गवर्नेंस और ई-सर्विसेज की सुविधा लागू की जाएगी।

केंद्र की सत्ता संभालते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल तकनीक की मदद से शासन और आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने का जो सपना दिखाया था, 'डिजिटल इंडियाÓ के माध्यम से उसके बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। डिजिटल क्रांति के जरिए पूरे देश के सशक्तिकरण का सपना

अब साकार होने लगा है। आने वाले समय में हर गांव में होगा इंटरनेट, हर सुविधा होगी ऑनलाइन, न हर जगह दस्तखत की टेंशनन अस्पताल की लंबी लाइनन किताबों का बोझन नौकरी की चिंता, न सरकारी काम काज में लेटलतीफी, न भ्रष्टाचार की चिंता क्योंकि अब डिजिटल बन रहा है इंडिया।

कोट्स

भारत की बदलेगी तस्वीर

डिजिटल इंडिया को प्रौद्योगिकी की शक्ति के साथ भारतीयों को सशक्त बनाने के लिए बनाया गया है। यह सेवाओं के वितरण के लिए शासन की प्रक्रिया में परिवर्तनकारी होगी। मैं एक ऐसे परिदृश्य की कल्पना करता हूं, जहां माली, प्लंबरड्राइवर, दुकानदार, ट्यूटर और दर्जी भी मोबाइल फोन के माध्यम से नए बाजार पा सकते हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता में सुधार होगा। डिजिटल इंडिया भारत की तस्वीर बदलने वाली योजना साबित होगी।

रविशंकर प्रसाद

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी एवं विधि एवं न्याय मंत्री, भारत सरकार

पाइंटर

ब्रॉडबैंड हाईवे

सबको फोन की उपलब्धता

इंटरनेट तक सबकी पहुंच

ई-गवर्नेंस

ई-क्रांति

सभी के लिए सूचना

इलेक्ट्रॉनिक मैन्यूफैक्चरिंग

आईटी के जरिए रोजगार

भविष्य की तैयारी के कार्यक्रम

पाइंटर

2019 तक 2.5 लाख शैक्षणिक संस्थानों में वाई-फाई फ्री

1.7 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार

8.5 करोड़ लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार

 



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