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मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018

रेलवे के लिए ग्रीन एनर्जी

नई दिल्ली। सांसदों की रेलवे की कंसल्टेटिव कमेटी की बैठक में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बताया कि भारतीय रेलवे किस तरह से बायो टॉयलेट कचरे का रीसाइक्लिंग, वॉटर बॉडीज का कंजर्वेशन और रेलवे पटरियों के किनारे-किनारे वृक्षारोपण के उपाय कर रहा है।

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की बात करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे में अच्छी खासी बिजली का खर्चा है। ट्रेनों के परिचालन के लिए डीजल का भी इस्तेमाल होता है। इस वजह से रेलवे कहीं न कहीं प्रदूषण फैलाती है। मौजूदा परिप्रेक्ष्य में यह जरूरी है कि रेलवे को कैसे इको फ्रेंडली बनाया जाए। इसके लिए वातावरण पर कम से कम दुष्‍प्रभाव डालते हुए एक ऊर्जा सिस्‍टम को साकार करने के लिए कम लागत का विकल्‍प ढूंढ़ना जरूरी है। उन्‍होंने बताया कि भारतीय रेल का विजन 2020 का उद्देश्‍य जरूरत की कम से कम ऊर्जा का 10 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय स्रोतों के इस्‍तेमाल कर प्राप्‍त किया जाए।



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