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शनिवार, 22 सितंबर 2018

ग्रामीण महिला शक्ति केन्द्र

नई दिल्ली। ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कौशल विकास, रोजगार, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य और पोषण बढ़ाने को ध्यान में रखते हुए आज पेश बजट में गांव के स्तर पर महिला शक्ति केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है।

बजट में महिला और बाल कल्याण के लिए आबंटन 1,56,528 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1,84,632 करोड़ रुपए करने का प्रस्ताव किया गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज संसद में आम बजट 2017-18 प्रस्तुत करते हुए कहा कि 14 लाख आईसीडीएस आंगनवाड़ी केंद्रों में 500 करोड़ रुपए के आबंटन के साथ गांव के स्तर पर महिला शक्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कौशल विकासरोजगारडिजिटल साक्षरतास्वास्थ्य और पोषण के अवसरों के लिए वन स्टॉप सामूहिक सहायता प्रदान करेगा। अरूण जेटली ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने की राष्ट्रव्यापी योजना के अंतर्गत छह हजार रुपए सीधे ऐसी गर्भवती महिला के बैंक खाते में जमा किए जाएंगेजो किसी चिकित्सा संस्था में बच्चे को जन्म देगी और अपने बच्चों का टीकाकरण कराएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट अनुमान 2017-18 में सभी मंत्रालयों की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत महिला और बाल कल्याण के लिए आबंटन 1,56,528 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1,84,632 करोड़ रुपए कर दिया गया है।



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