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गुरुवार, 24 मई 2018

शराब की बोतलों पर चेतावनी जरूरी

भोपाल। मध्यप्रदेश में वर्ष 2017-18 के लिए मंजूर की गई नई आबकारी नीति के तहत शराब व्यापारियों को अपनी दुकानों पर बोर्ड लगाकर लोगों को यह चेतावनी देना जरूरी होगा कि ‘मदिरापान स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है’।

इसके साथ-साथ इस नीति में यह भी कहा गया है कि यह चेतावनी शराब की बोतलों पर भी बड़े एवं मोटे अक्षरों में लिखा होना चाहिए। नई आबकारी नीति के तहत भेजी हुई शराब की खेप का ऑनलाइन पता लगाने के लिए भी एक नई व्यवस्था शुरू की जाएगी। मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया, ‘मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अगले वित्त वर्ष के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत शराब की दुकानों पर बोर्ड लगाकर यह चेतावनी दिखाना जरूरी होगा कि ‘मदिरापान स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है’। इसके साथ-साथ यह चेतावनी शराब की बोतलों पर भी बड़े एवं मोटे अक्षरों में लिखा होना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में यह चेतावनी शराब की बोतलों पर छोटे-छोटे अक्षरों में लिखी रहती है। अब यह चेतावनी शराब की बोतलों पर बड़े एवं मोटे अक्षरों में लिखा होना चाहिए।’ प्रदेश सरकार के प्रवक्ता मिश्रा ने बताया कि यह आबकारी नीति इस साल तीन भागों में बांटी गई है, जिनमें मदिरा संयम, राजस्व संग्रह एवं कारोबार करना सुगम बनाना शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘शराब की दुकानों को अब आदतन पियक्कड़ों के रिकॉर्डों को भी रखना होगा। इसके अलावा, पुलिस थानों को भी कहा जाएगा कि वे शराब पीने के बाद आदतन अपराध करने वालों का भी रिकॉर्ड रखें।’ मिश्रा ने बताया कि नई आबकारी नीति में यह भी सुझाव दिया गया है कि स्कूल के पाठ्यक्रमों में नशा मुक्ति के पाठों को भी शामिल किया जाए तथा इस मुद्दे पर लोगों को शिक्षा देने के लिए सेमिनार किए जाए। उन्होंने कहा, ‘नशा मुक्ति के लिए संबंधित विभाग को भी कहा जाएगा कि जिलों में योग एवं मेडिटेशन सेंटर खोलें।’ मिश्रा ने बताया कि राज्य सरकार एनजीओ एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से नशा मुक्ति जागरूक अभियान भी चलाएगा।



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