sulabh swatchh bharat

बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

दिव्यांगों के लिए सॉफ्टवेयर

आईआईटी खडग़पुर के शोधार्थी छात्रों ने दिव्यागों को इंटरनेट से जोडऩे के लिए नया सॉफ्टवेयर विकसित किया है।

यह सॉफ्टवेयर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण पांरपरिक तरीके से इंटरनेट एक्सेस नहीं कर पाते हैं। इसके माध्यम से दिव्यागों को इंटरनेट एक्सेस करने और सोशल मीडिया का उपयोग करने में मदद मिलेगी। यह सॉफ्टवेयर इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि दिव्यांगों को एक्सेस करने में असुविधा न हो। कुछ खास स्विच का उपयोग करके वे वेब एक्सेस कर सकते हैं। यह सॉफ्टवेयर आईआईटी खडग़पुर के सेंटर फॉर एजुकेशन टेक्नोलॉजी विभाग के अध्यक्ष अनुपम बसु के नेतृत्व में विकसित किया गया है। उन्होंने बताया, 'इससे न्यूरो मोटर डिसॉर्डर से ग्रसित लोगों के लिए विकसित इंटरफेस के द्वारा वेब का उपयोग करने एवं सोशल नेटवर्किंग गतिविधियों में हिस्सा लेने में काफी आसानी होगी।’ सहयोग का सेतु केरल के स्थानीय प्रशासन मंत्री केटी जलील और स्थानीय लोगों ने भरताप्पुजा पर एक छोटा बांध बना दिया जिससे अब वहां पर इतना पानी है कि श्रद्धालु आराम से स्नान कर सकते हैं। केरल के स्थानीय प्रशासन मंत्री केटी जलील ने जनसहभागिता और व्यवस्था की नई मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने स्टाफ और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर एक बांध का निर्माण कर दिया है। दरअसल शबरीमाला मंदिर में उत्तर केरल, तमिलनाड़ु और कर्नाटक से दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मिनी पंबा रुकने का एक बड़ा स्थान है। यहां श्रद्धालु रुककर आराम करते और वहां की छोटी नदी में स्नान करते हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों से इस इलाके में पानी की कमी के कारण श्रद्धालुओं को स्नान करने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लोगों की इस दिक्कत को देखते हुए केरल के स्थानीय प्रशासन मंत्री केटी जलील अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंच गए। वहां स्थानीय लोगों और अपने स्टाफ की मदद से मंत्री ने स्वयं एक छोटा बांध बनाने का काम शुरू कर दिया। इस बांध को बनाए जाने से वहां पर ज्यादा पानी एकत्रित किया जा सकता था। जलील और स्थानीय लोगों ने भरताप्पुजा पर एक छोटा बांध बना दिया जिससे अब वहां पर इतना पानी है कि श्रद्धालु आराम से स्नान कर सकते हैं।


Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो