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बुधवार, 19 सितंबर 2018

पड़ोसियों से दिल्ली प्रदूषित

अहमदाबाद। पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ एंड्रे प्रेवोट का मानना है कि दिल्ली की हवाओं का प्रदूषण आसपास के क्षेत्रों की वजह से ज्यादा है।

स्विट्जरलैंड के पॉल शेरर इंस्टीट्यूट के ऐरोसोल के विशेषज्ञ एंड्रे प्रेवोट ने कहा, ‘पेरिस में केवल 30 प्रतिशत प्रदूषण पेरिस के स्थानीय कारकों से होता है। दिल्ली में भी अधिकतर प्रदूषण दिल्ली से नहीं, क्षेत्रीय स्तर पर पैदा होता है। कई सारी चीजें दिल्ली में ही नहीं होती हैं।  

अहमदाबाद के भौतिकविज्ञान अनुसंधान प्रयोगशाला में एरोसोल विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐरोसोल गैस में एक बहुत सूक्ष्म तरल और ठोस कण होता है। दिल्ली में प्रदूषण की समस्याओं पर उनका कहना था कि पड़ोसी राज्यों में फसलों की ठूंठ जलाये जाने से दिवाली के बाद प्रदूषण तेजी से बढ़ गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण की मुख्य वजह यह थी कि जब फसलों के ठूंठ जलाए जा रहे थे। पूरे पंजाब के खेतों से धुंआ उठ रहा था तब उत्तर की दिशा से हवाएं चल रही थी। इन वजहों से कई एरोसोल पैदा हुए।’ प्रेवोट ने कहा कि फसलों के अवशेषों को जलाया जाना वास्तव में महत्वपूर्ण कारक है और इससे बचना चाहिए। इसे उर्जा के स्त्रोत में बदला जाना चाहिए। दिल्ली की सड़कों की देखभाल भी जरूरी है। यातायात से धूल पनपती है। अगर सड़कों को सुधार दें तो एरोसोल का स्तर कम हो सकता है।’ उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान निकालने के लिए और हालात सुधारने के लिए नीति निर्माताओं को आसपास के क्षेत्रों की करीब 500 से 1000 किलोमीटर सड़कों पर ध्यान देना होगा।



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