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सोमवार, 20 मई 2019

गंदे पानी का उपयोग

मुंबई में अब गंदे पानी को साफ कर उसको फिर से इस्तेमाल करने योग्य बनाया जाएगा।

मुंबई: कहीं भी गंदे पानी का अमूमन उपयोग नहीं किया जाता है। वह चाहे खेतों में सिंचाई की बात हो या उद्यान-बाग़ बगीचों या फिर सड़क किनारे लगे पेड़ों में पानी डालने का मामला। फायर ब्रिगेड तो उस पानी से और भी परहेज करता है, लेकिन मुम्बई जैसे महानगर में जहां पानी के लिए झीलों पर निर्भर रहना पड़ता है। वहां इस पर नए सिरे से सोचने का काम शुरू हो गया है।

इस दिशा में मुम्बई महानगरपालिका के आयुक्त संजीव जायसवाल ने आदेश दिया है कि साफ़ पानी को बचाने के लिए गंदे पानी का फिर से उपयोग किया जाए। उल्लेखनीय है कि कोपरी स्थित मलप्रक्रिया केंद्र में कुल चालीस लाख लीटर गंदे पानी की सफाई की जाती है। इसी तरह मुम्ब्रा स्थित मल प्रक्रिया केंद्र में सात से आठ लीटर पानी को इस प्रक्रिया के तहत कुछ शुद्ध कर खाड़ी में बहा दिया जाता है। इसी बर्बादी को रोकने के ख़याल से पानी को पुनः उपयोग में लाने की बात की जा रही है। इससे शुद्ध पानी का बचाव तो होगा ही, गंदे पानी के बेहतर इस्तेमाल भी हो सकेगा।



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