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सोमवार, 22 अप्रैल 2019

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों बवाना और नरेला में एनजीओ की मदद से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा।

नई दिल्लीः दिल्ली के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में गैर सरकारी संगठन चाइल्ड सरवाइवल इंडिया संगठन की मदद से बवाना और नरेला स्थित जेजे कॉलोनी में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लग जाने से यहां की तस्वीर बदल गई है। लोगों को पानी की कमी की समस्या से छुटकारा मिला है। साथ ही स्वच्छ पानी के मिलने से पेट संबंधी बीमारियों में कमी भी आई है। स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी मिला है। 

चाइल्ड सरवाइवल इंडिया से लंबे समय से जुड़ी रचना शर्मा के मुताबिक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रमुख उद्देश्य था कि लोगों को स्वच्छ जल मुहैया कराया जा सके। साथ ही इसके संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय महिलाओं को दी गई ताकि वे आर्थिक तौर पर आत्मनिर्भर हो सकें। उन्होंने बताया कि जेजे कॉलोनी में सुरक्षित जल समूह बनाया गया है जो स्थानीय लोगों को स्वच्छ जल पीने को लेकर जागरुक करता है। हर समूह में 10-12 महिलाएं हैं जो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन करती हैं। सभी महिलाएं रोजाना दो-दो घंटे का योगदान करती है। इन्हीं महिलाओं के ऊपर मशीन के संचालन करने से लेकर पानी के वितरण करने का जिम्मा होता है।
रोजाना लगभग प्लांट की मदद से दो हजार लीटर पानी की आपूर्ति होती   है। इससे अर्जित होने वाली आय को महिलाएं आपस में बांटती हैं। पांच रुपये में 20 लीटर पानी लोगों को दिया जाता है जो कि कहीं पर भी नहीं मिलता है। आने वाले समय में ऐसे ओर भी प्लांट लगाने की योजना पर काम चल रहा है। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लगाए जाने से स्थानीय लोगों में काफी खुशी है। एक तो महिलाओं को रोजगार मिला है। साथ ही स्वच्छ पानी पीने को लेकर उनमें जागरूकता बढ़ी है। लोगों की अक्सर शिकायत रहती थी कि गंदा पानी पीने की वजह से उन्हें पेट जनित बीमारियां हो रही थीं लेकिन प्लांट के लग जाने से अब ऐसी समस्याओं ने उन्हें छुटकारा मिलने लगा है। इसके अलावा जे जे कॉलोनी में आंगनबाड़ी केंद्र भी बनाया गया है जहां महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है।



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