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गुरुवार, 22 फ़रवरी 2018

कोई कर रहा है आपका पीछा

राह चलती लड़कियों का पीछा करना, उस पर फब्तियां कसना सड़क छाप शोहदों का पुराना शगल रहा है। पीछा करने से शुरू होने वाले एकतरफा प्यार के त्रासद अंत के कई किस्से आपने सुने होंगे। कानून सख्त है, लेकिन ऐसे कई तरीके भी हैं जिनके सहारे आप अपना बचाव कर सकते हैं

नए साल में स्टॉकिंग एक बार फि र चर्चा में है, क्योंकि पुणे के एक पैंसठ साल के बुजुर्ग को एक छात्रा का पीछा करने और फब्तियां कसने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। खबरों के मुताबिक जीआरपी ने यह गिरफ्तारी मेडिकल की पढ़ाई करने वाली छात्रा की शिकायत के बाद की। पूछताछ में उस शख्स ने जो बताया वह हैरान करने वाला है। उस शख्स का कहना था कि उसके लिए यह महज एक टाइम पास था और पिछले चार महीनों से वह लोकल ट्रेन में जा बैठता था और लड़कियों, महिलाओं को घूरा करता था। मोबाइल पर बात करने का नाटक करके वह फब्तियां भी कसता था। उसके खिलाफ शिकायत करने वाली छात्रा ने उसे एक बार डांटा भी, लेकिन इसका उस पर कोई असर नहीं हुआ।

दरअसल, शहरों खास कर महानगरों में रहने वाली लड़कियों के लिए यह अब नया नहीं है। आप अपने आस-पास रहने या साथ काम करने वाली महिलाओं या कॉलेज जाने वाली लड़कियों से पूछें, खास कर उनसे जो रोजाना सार्वजनिक परिवहन जैसे कि बस, ट्रेन या मेट्रो से आती-जाती हैं। कई बार तो मामला इतना बिगड़ जाता है कि संभालना मुश्किल हो जाता है। हालांकि स्टाकिंग का शिकार लड़की या लड़का कोई भी हो सकता है, लेकिन आमतौर पर लड़कियां ही इसका दंश झेलती हैं। स्टॉकर इस हद तक पागलपन पर उतर जाते हैं कि लड़कियों की जान तक चली जाती है।

किसी को भी उसकी मर्जी के बगैर घूरने या फिर पीछा करने से रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। फरवरी 2013 में भारतीय दंड संहिता यानी कि आईपीसी में संशोधन कर धारा 354डी जोड़ा गया। इसके मुताबिक अगर कोई व्यक्तिकिसी से जबरदस्ती संपर्क करने की कोशिश करता है या उसके आसपास मंडराता रहता है या फिर सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल कर उस पर नज़र रखता है, तो उसे तीन साल के कैद की सजा दी जा सकती है। साथ में जुर्माना भी लगाया जा सकता है, लेकिन अगर कोई शख्स दूसरी बार ऐसा करता है तो फिर उसको पांच साल तक कैद के साथ जुर्माना भी देना होगा।

क्यों करते हैं स्टॉकिंग ?

ज्यादातर मामलों में स्टॉकर मानसिक रूप से बीमार पाया गया है। कुछ पर्सनेल्टी डिसआर्डर के भी शिकार रहते हैं। लेकिन सभी मामलों में ऐसा नहीं होता।ज्यादातर मामलों में स्टॉकिंग करने वाले साथ पढऩे, काम करने वाले या जान-पहचान के होते हैं। वे साथ उठने-बैठने या हंसी मजाक को प्यार समझ बैठते हैं और आगे बढऩे की कोशिश करते हैं। जब लड़की उन्हें बताती है कि वह उससे ऐसे रिश्ते के बारे में सोच भी नहीं सकती तो मामला बिगड़ जाता है।  कई बार पूर्व प्रेमी भी पीछे पड़ जाता है। लंबे समय तक साथ रहने के बाद जब दोनों में से कोई एक उस संबंध से अचानक बाहर आना चाहता है, तो ऐसी परिस्थिति उत्पन्न होती है। इसीलिए कहा जाता है कि प्रेम संबंध तोडऩे से पहले सावधानी बरतनी चाहिए, जिससे कि आपके साथी को मानसिक चोट ना पहुंचे।

कुछ स्टॉकर किसी से प्रेम तो करते हैं, पर उसे जाहिर नहीं कर पाते और ना ही यह बर्दाश्त कर पाते हैं कि कोई दूसरा उनकी कथित प्रेमिका से संबंध रखे। 'डर’ फिल्म को याद करें, जिसमें शाहरुख खान ने कुछ ऐसी ही भूमिका निभाई थी। इनसे बचना बेहद मुश्किल होता है, क्योंकि ये सामने वाली की बात सुनने को तैयार ही नहीं होते।

कुछ स्टॉकर बेहद हिंसक या खूंखार होते हैं। ये पहले अपना शिकार चुनते हैं और फिर मौके की तलाश में रहते हैं। इनके लिए यह मायने नहीं रखता कि शिकार कौन होगा और अंजाम क्या होगा। ये कुछ भी कर सकते हैं। हिंसा, बलात्कार और उसके बाद हत्या भी। हालांकि इनकी संख्या बेहद कम है।

बहरहाल, स्टॉकिंग आधुनिक शहरी जीवन के लिए सिरदर्द बन गया है। इसका कोई बना-बनाया स्थाई इलाज नहीं है। सतर्क और सजग रहकर ही इससे बचा जा सकता है। समाजशास्त्री बताते हैं कि आधुनिक जीवन इतना उलझा हुआ है कि ऑफिस और निजी जिंदगी को अलग रखना जरूरी है, वरना आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। दोस्त और साथ काम करने वाले से भी संबंधों में स्पष्ट रेखा होनी चाहिए, ताकि गलत फहमी ना हो।



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