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शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

सिक्किम स्वर्ग दिल्ली नरक

अमेरिका के प्रमुख शोध संस्थान सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक ने किया यह खुलासा

जरा अंदाजा लगाइए कि महिलाओं के काम करने के लिहाज से सबसे अच्छी और सबसे खराब जगह कौन-सी है। पूरे देश में महिलाओं के लिए काम करने की सबसे बेहतर जगह सिक्किम है और सबसे खराब जगहों की सूची में देश की राजधानी दिल्ली है।

यह किसी सामाजिक संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक नहीं, बल्कि अमेरिका के प्रमुख शोध संस्थान 'सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज’ और 'नॉर्दर्न एसोसिएट्स’ की हाल में जारी रिपोर्ट बता रही है। इस रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के काम करने के लिए सिक्किम जहां पहले स्थान पर है वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सबसे निचले पायदान पर है। अमेरिकी शोध संस्थान की इस रिपोर्ट में सिक्किम को सर्वाधिक 40 अंक जबकि दिल्ली को सिर्फ 8.5 अंक मिले हैं जो राष्ट्रीय राजधानी की स्थिति को बयान करता है। इस सूची में सिक्किम के बाद दूसरे स्थान पर तेलंगाना है जिसे 28.5 अंक मिले हैं। पुड्डूचेरी को 25.6 अंक, कर्नाटक को 24.7 अंक, हिमाचल प्रदेश को 24.2 अंक, आंध्र प्रदेश को 24.0 अंक, केरल को 22.2 अंक, महाराष्ट्र को 21.4 अंक, तमिलनाडु को 21.1 अंक और छत्तीसगढ़ को 21.1 अंक मिले हैं।

राज्यों की रैंकिंग मुख्यत: चार तत्वों के आधार पर तय की गई है। कारखानों, खुदरा क्षेत्र तथा आईटी उद्योग में महिलाओं के कामकाजी घंटे पर कानूनी प्रतिबंध, यौन उत्पीडऩ जैसे अपराध को लेकर राज्य की आपराधिक न्याय-व्यवस्था की त्वरित प्रतिक्रिया, कुल कर्मचारियों में महिला कामगारों का प्रतिशत तथा राज्य की स्टार्टअप और औद्योगिक नीतियों में महिला उद्यमियों के लिए प्रोत्साहन। इन्हीं चार आधारों पर किसी भी प्रदेश की रैंकिंग तय होती है।

अपराध पर त्वरित कार्रवाई में सिक्किम अव्वल

महिला कार्यबल की ऊंची भागीदारी, महिलाओं के कामकाजी घंटे को लेकर पाबंदी का न होना और महिला अपराध के खिलाफ फौरन कार्रवाई की उच्च दर से ही सिक्किम पहले स्थान पर है।

चार राज्यों में है रात में काम करने की अनुमति

रिपोर्ट के अनुसार चार राज्यों सिक्किम, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु ने कारखानों, खुदरा दुकानों तथा आईटी क्षेत्र में रात में महिलाओं के काम करने पर लगे तमाम प्रतिबंधों को हटा लिया है। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में अदालत के फैसले के परिणामस्वरूप प्रतिबंध हटाए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ नौ राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश औपचारिक रूप से महिलाओं को रात में किसी भी क्षेत्र में काम करने की औपचारिक अनुमति नहीं देते।

क्यों है महिलाओं की सहुलियत में दिल्ली सबसे पीछे

अपेक्षाकृत न्याय मिलने की कम दर तथा कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी का कम होना, विभिन्न क्षेत्रों में रात में काम करने को लेकर महिलाओं पर पाबंदी तथा औद्योगिक नीतियों में महिला उद्यमियों के लिए किसी प्रकार के प्रोत्साहन के अभाव की वजह से दिल्ली सबसे निचले पायदान पर है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में महिला कार्यबल की भागीदारी दुनिया में सबसे कम 24 प्रतिशत है। 15 राज्य तथा केंद्र शासित प्रदेश अपनी व्यापार संवर्धन नीतियों में महिला उद्यमियों को कोई विशेष प्रोत्साहन नहीं देते। मैकिन्से ग्लोबल इंस्टीट्यूट का अनुमान है कि भारत में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों के बराबर हो जाए तो 10 साल में जीडीपी में 16 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है।

हाईलाइट

भारत में महिला श्रमशक्ति की भागीदारी दर विश्व में सबसे कम है

बेहतर और खराब

कामकाजी महिलाओं के लिए बेहतर हालात के मामले में अधिकतम 40 में से किस राज्य को कितने अंक। रैंक चार मानकों पर निर्धारित किए गए हैं



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