sulabh swatchh bharat

शुक्रवार, 21 सितंबर 2018

सुंदरता से स्वच्छता की ओर हिमाचल और केरल

प्रकृति की सुंदरता को बचाए रखने के लिए स्वच्छता जरूरी है। इसीलिए संकल्प के बल पर हिमाचल प्रदेश और केरल पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त प्रदेश बन गए। दोनों राज्यों ने सफलतापूर्वक 100 प्रतिशत स्वच्छता हासिल कर मिसाल कायम की है

खुले में शौच जाने से मुक्त होकर हिमाचल प्रदेश और केरल ने स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने में अमूल्य योगदान दिया है। देश का दूसरा खुले में शौचमुक्त होने वाला राज्य हिमाचल प्रदेश बन गया है, जबकि यह उपलब्धि हासिल करने वाला केरल तीसरा राज्य है। सबसे पहले खुले में शौचमुक्त होने का रिकॉर्ड उत्तर पूर्व के राज्य सिक्किम ने 2005 में ही अपने नाम कर लिया था। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने खुले में शौच से मुक्त राज्य घोषित करते हुए कहा कि राज्य के सभी 12 जिले खुले में शौच से मुक्तहो गए हैं। साथ ही राज्य ने सफलतापूर्वक 100 प्रतिशत स्वच्छता कवरेज हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि इस बात की खुशी है कि बड़े राज्यों में उनके राज्य ने सबसे पहले यह उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने जिला और स्थानीय अधिकारियों का अभिनंदन किया। बड़े राज्यों को पछाड़ा हालांकि सिक्किम के बाद हिमाचल प्रदेश ने यह उपलब्धि हासिल की है। लेकिन इस पहाड़ी राज्य ने देश के बाकी बड़े प्रदेशों को काफी पीछे छोड़ दिया है। हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों के सभी 78 विकास खंडों की 3226 पंचायतों के सभी 18465 गांव खुले में शौचमुक्त हैं। राज्य के कुल 14,83,562 घरों में शौचालय है। मतलब हिमाचल में इस समय कोई भी व्यक्ति खुले में शौच नहीं जा रहा है। बड़े राज्यों के हिसाब से बात की जाए तो हिमाचल ने शिक्षा और अन्य मामलों में देश में अव्वल रहने वाले केरल को भी पछाड़ दिया है। केरल ने यह उपलब्धि हिमाचल के बाद हासिल की है। अन्य राज्य भी इस तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं। हरियाणा, उत्तराखंड, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर और गुजरात में 80 से 88 फीसदी तक काम हो चुका है। जबकि पंजाब, बंगाल, गोवा, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में भी 70 से 79 फीसदी काम पूरा हो चुका है। समय से पहले पाया लक्ष्य हिमाचल प्रदेश ने यह उपलब्धि नियत समय से पहले हासिल की है। राज्य के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सचिव ओंकार शर्मा के अनुसार राज्य को 31 मार्च 2017 तक खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे 28 अक्टूबर 2016 को ही हासिल कर लिया गया। सरकार की पहल, जिला प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रयास और आम लोगों के सहयोग से यह उपलब्धि समय से पहले हासिल हुई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की उपलब्धि इसलिए भी सराहनीय है क्योंकि उसने यह लक्ष्य समय से पहले पूरा किया है। अब देश के दूसरे राज्य हिमाचल प्रदेश का अनुसरण करेंगे। अन्य राज्यों को मिलेगी सीख केंद्र सरकार ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों को दो साल के अंदर खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में अब हिमाचल प्रदेश देश के अन्य राज्यों को खुले में शौच से मुक्त होने का गुर बताएगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश स्वच्छ भारत मिशन हासिल करने में अपने अनुभवों को दूसरे राज्यों के साथ साझा किया। केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय 22 नवंबर को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले सफाई के गुर बताए।



Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो