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बुधवार, 24 अक्टूबर 2018

रीवा में सौर उर्जा संयंत्र

भोपाल। मध्यप्रदेश के रीवा में स्थापित होने जा रही विश्व की सबसे बड़ी 750 मेगावाट क्षमता की सौर उर्जा परियोजना से प्रदेश को प्रतिवर्ष 14,000 करोड़ रूपए और दिल्ली मेट्रो को 100 करोड़ रुपए की बचत होगी।

आधिकारिक तौर पर बताया गया कि इस परियोजना के लिये 2.97 पैसे प्रति यूनिट की विद्युत दर निविदा में प्राप्त हुई है। परियोजना से उत्पादित विद्युत में से 76 प्रतिशत मध्यप्रदेश को एवं 24 प्रतिशत दिल्ली मेट्रो को मिलेगी। इससे प्रदेश को प्रतिवर्ष 14,000 करोड़ रुपए तथा दिल्ली मेट्रो को 100 करोड़ रुपए की बचत होगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिये 2.97 पैसे प्रति यूनिट की सौर उर्जा विद्युत दर निविदा में प्राप्त हुयी। निविदा में प्राप्त यह टैरिफ दर पूर्व में देश में प्राप्त न्यूनतम टैरिफ दर रूपये 4.34 से काफी कम है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रीवा परियोजना के आंतरिक ग्रिड समायोजन के लिये विश्व बैंक द्वारा रिण दिया जा रहा है। यह देश की पहली परियोजना हैजिसे क्लीन टेक्नालॉजी फंड’ में 0.25 प्रतिशत की सस्ती दर पर रिण स्वीकृत हुआ है। उल्लेखनीय है कि रीवा जिले के गुढ़ में स्थापित होने जा रही 750 मेगावाट क्षमता की सौर परियोजना की स्थापना के प्रथम चरण की निविदा प्रक्रिया में 20राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कम्पनियों द्वारा सहभागिता की गयी। इनमें विदेशी एवं 14 स्वदेशी कम्पनियां थीं। चयन प्रक्रिया के बाद सफल विकास का चयन किया गया। इनमें दो राष्ट्रीय क्रमश: महिन्द्रा रिन्यूवल एवं एक्मे एनर्जी और एक अंतरराष्ट्रीय कम्पनी सोल एनर्जी शामिल है। उन्होंने बताया कि परियोजना निर्माण अवधि में 13 हजार 500 श्रमिकों को रोजगार मिलेगा। परियोजना के शुरू होने के बाद 750 श्रमिकों को रोजगार प्राप्त होगा।



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