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शनिवार, 26 मई 2018

दूसरे एशियाई देशों में स्वच्छता

महात्मा गांधी ने आजादी के पहले स्वच्छता का अलख जगाया । लेकिन आजादी के बाद गांधी के स्वच्छता अभियान को सही मायने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनाया। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया यह अभियान पूरे देश में फैल गया है। लेकिन एशिया के कई ऐसे देश हैं जहां स्वच्छता अभियान वर्षों से चल रहा है।

सिंगापुर

सरकार ने 1967 में स्वच्छ सिंगापुर अभियान की शुरुआत की। लोक स्वास्थ्य नियम के तहत उसे वैधता दी गई।

इस अभियान के तहत तीन 'आर’ रिड्यूस, रियूज और रिसाइकिल पर ध्यान केंद्रित

'स्कूलों में आयोजित उत्सव में साफ और हरित सिंगापुर’, सुपरमार्केट में 'अपना बैग लाओ दिवस’, एबीसी जल कार्यक्रम जैसे लक्षित पहल के बेहतर परिणाम सामने आए हैं। इससे भागीदारी में बढ़ोत्तरी हुई।

  जापान

मेजी की वापसी (1868-1912) के कार्यकाल के दौरान रणनीतिक रूप से स्वच्छता और स्वास्थ्य को राष्ट्रवाद के साथ समाहित किया गया। सुनियोजित राष्ट्रीय अभियान के तहत स्वच्छता को नैतिक जिम्मेदारी के साथ राष्ट्रीय महत्व का मुद्दा बना दिया गया।

जापान में सबसे ज्यादा अनुयायी वाले शिंटो धर्म ने स्वच्छता पर केंद्रित कई ऐसे शुद्ध धार्मिक रिवाजों को चलाने का आदेश दिया। इस प्रकार यह जापानियों की आस्था का एक अटूट हिस्सा बन गया।

जापान में स्कूल व्यवस्था के तहत छात्र और शिक्षक दोनों को सफाई के लिए सक्रिय रहना पड़ता है।

दक्षिण कोरिया

पांच साल के लिए स्पष्ट जनादेश स्वच्छता उपलब्ध कराने और सभी लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए ही होता है।

2002 से 2011 तक ठोस अवशिष्ट प्रबंधन राष्ट्र स्तरीय नीतियों का हिस्सा रहा है ताकि अवशिष्टों को कम करने और पुनरावृत्ति को प्रोत्साहित किया जा सके।

हाईलाइट

हमेशा आंकड़ों में प्रदर्शित नहीं होती देश में हो रहे बदलावों की सही तस्वीर



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