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शनिवार, 15 दिसंबर 2018

इंजीनियरिंग के लिए एक परीक्षा

नई दिल्ली। मेडिकल संस्थानों में होनेवाली ‘नीट’ की तरह ही इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी साल 2018-19 से एक ही प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी की जा रही है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से ऐसी परीक्षा के लिए उचित नियम बनाने को कहा है।

देश में तकनीकी शिक्षा के पहलू को देखने वाले एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग कॉलेजों में अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा के प्रस्ताव पर हाल ही में हुई एक बैठक में चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एआईसीटीई को बताया कि प्रस्ताव सरकार की नीति के अनुरूप है और वो ऐसी परीक्षा कराने के लिए उचित नियम लागू कर सकता है।

प्रतिष्ठित आईआईटी में प्रवेश को भी इस नयी परीक्षा के दायरे में लाया जा सकता है। आईआईटी प्रवेश के लिए राष्ट्रव्यापी प्रतियोगी परीक्षा का आयोजन किया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय ने ये फैसला ज्यादा पारदर्शिता और उच्च मानक स्थापित करने के लिए लिया है। इसके साथ ही मंत्रालय ये भी चाहता है कि छात्रों पर कई परीक्षाओं के बोझ से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि मंत्रालय राज्यों और डीम्ड विश्वविद्यालयों से भी इस परीक्षा के सफलतापूर्वक आयोजन के लिए सकारात्मक सुझाव का पक्षधर है। सूत्रों ने कहा कि ये भी फैसला किया गया है कि एकल प्रवेश परीक्षा देश की भाषायी विविधता को ध्यान के रखते हुए तैयार किया जाएगा। देश में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए नीट के तौर पर पहले ही एकल परीक्षा होती है लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन होता है।

 
 
 
 


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