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मंगलवार, 25 जून 2019

समय गोडिका - मेधावी समय

‘ब्रेकथ्रू जूनियर चैलेंज’ में सेमीफाइनल तक पहुंचे भारतीय छात्र समय

बेंगलुरु के रहने वाले समय ने ‘ब्रेकथ्रू जूनियर चैलेंज’ में दुनियाभर के 6,000 स्टूडेंट्स को पीछे छोड़ते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार पाने वाले प्रतिभागी को लगभग डेढ़ करोड़ रुपए प्रदान किए जाएंगे, वहीं जिस अध्यापक से प्रेरित होकर प्रतिभागी ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया होगा उसे भी तीस लाख का पुरस्कार मिलेगा। समय को यह पुरस्कार फेसबुक पर उसके वीडियो को मिले लाइक, शेयर और पॉजिटिव रिएक्शंस के आधार पर मिलेगा। सभी 30 प्रतिभागियों के वीडियो पब्लिक वोट के लिए फेसबुक पर शेयर किए गए हैं।
कैंसर, अल्जाइमर या पार्किंसन जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए सिर्फ मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती। व्रत या भूखे रहने और सेल्फ-क्लीनिंग सिस्टम के पीछे काम करने वाला मैकेनिज्म ऑटोफजी न केवल आपको स्वस्थ रखने में मदद करता है, बल्कि इस तरह की गंभीर न्यूरोलॉजिकल और बायोलॉजिकल बीमारियों से दूर रखने में भी मदद करता है। 15 वर्षीय समय नेशनल पब्लिक स्कूल, कोरमंगला, बेंगलुरु के छात्र हैं। इस विषय पर एक सरल- सा वीडियो बनाकर समय ने 'ब्रेकथ्रू जूनियर चैलेंज' में टॉप-30 में जगह बनाई है। इस प्रतियोगिता को फेसबुक, गूगल और खान एकेडमी ने स्पांसर किया है।



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