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गुरुवार, 24 मई 2018

विश्व बैंक की तकनीकी शिक्षा

नई दिल्ली। भारत ने तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम के लिए विश्व बैंक के साथ 20.15 करोड़ डॉलर के वित्तीय समझौते पर हस्ताक्षर किया है।

आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार भारत ने तृतीय तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (टीईक्यूआईपी 3) के लिए 20.15 करोड़ डॉलर के अंतर्राष्ट्रीय सहायता संघ संबंधी ऋण के लिए विश्व बैंक के साथ वित्तीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत सरकार की ओर से आर्थिक कार्य विभाग के संयुक्त सचिव राजकुमार और विश्व बैंक की ओर से विश्व बैंक (भारत) के कंट्री डायरेक्टर जुनौद कमाल अहमद ने हस्ताक्षर किए।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागी इंजीनियरिंग शिक्षा संस्थानों में गुणवत्ता और हिस्सेदारी में बढ़ोतरी करना तथा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पूर्वोत्तर राज्यों और अंडमान निकोबार द्वीप समूह में इंजीनियरिंग शिक्षा प्रणाली की सक्षमता में सुधार लाना है। इस परियोजना के दो प्रमुख उद्देश्य हैं जिसमें संबंधित राज्यों में इंजीनियरिंग संस्थानों में गुणवत्ता और हिस्सेदारी में सुधार लाना और क्षेत्रवार प्रशासन और कार्य निष्पादन को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रणालीगत सुधार लाना है। टीईक्यूआईपी 3 की अवधि 31 मार्च 2022 तक की है।



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