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शुक्रवार, 21 जून 2019

बच्चों के लिए बेहतर कल का निर्माण

केयरवर्क्स फाउंडेशन समाज के कमजोर वर्ग के लिए एक शिक्षित, स्वस्थ और स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने के लिए अथक काम कर रहा है

‘कोई भी संगठन अपने इकोसिस्टम के लिए बेहतर काम और बेहतर जीवन के बिना अस्तित्व में नहीं हो सकता है’ - इन शब्दों को अपने दिमाग में रखते हुए और इसी दृष्टि के साथ आगे बढ़ते हुए, केयरवर्क्स फाउंडेशन (सीडब्ल्यूएफ) हमेशा समाज के लिए सबसे बेहतर कार्य के साथ आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा है।
कुछ भी देना सिर्फ दान नहीं है। यह एक बड़ा अंतर पैदा करने जैसा है। शिक्षा और स्वास्थ्य उस अंतर को लाने का सबसे बेहतर तरीका है। विकास के इन दो स्तंभों पर ध्यान देकर, सीडब्ल्यूएफ का लक्ष्य एक स्वस्थ और शिक्षित कार्यबल का निर्माण करना है और इस प्रकार समाज में हाशिए पर रह रहे वर्गों के लिए एक स्थायी आजीविका प्रदान करता है। 43 सरकारी स्कूलों का समर्थन किया गया, 8188 बच्चों को लाभ हुआ, 1 9 5 स्कूल शौचालयों का नवीनीकरण, 257 शिक्षक शामिल हुए, 10976 शिक्षा किट वितरित की गईं, 497 मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति के माध्यम से सहायता मिली, 11792 लोगों को सक्रिय हेल्थकेयर सपोर्ट मिला, 11 कंप्यूटर प्रयोगशाला बनाई गईं – केअरवर्क्स की समर्पित टीम चुपचाप अपना काम कर रही है, जबकि इन संख्याओं के माध्यम से उसकी सफलता की कहानी सबके सामने है। महात्मा गांधी ने कहा था, ‘खुद को खोजने का सबसे अच्छा तरीका है कि दूसरों की सेवा में खुद को खो देना’ और केयरवर्क्स इसका पालन कर रहा है।

एक पहल
सीडब्ल्यूएफ एक गैर-सरकारी संगठन पहल और एक बेंगलुरू स्थित व्यापार सेवा समूह, क्वेस कॉर्प लिमिटेड की सीएसआर शाखा है, और जनवरी 2014 में परिवर्तन के मुख्य स्रोत के रूप में कार्य करने और बेहतर जीवन देने के उद्देश्य से इसकी स्थापना की गई। यह इस विश्वास से प्रेरित है कि समाज के विकास में तेजी लाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य दो प्रमुख स्तंभ हैं।
स्थापना की शुरुआत से ही, सीडब्ल्यूएफ स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा पर केंद्रित है और इसका उद्देश्य स्वस्थ और शिक्षित कार्यबल का निर्माण करना है। इसके साथ ही, यह समाज के हाशिए पर रह रहे वर्गों के लिए एक स्थाई आजीविका प्रदान करने की कोशिश करता है।

360-डिग्री दृष्टिकोण
सीडब्ल्यूएफ का उद्देश्य प्रत्येक स्कूल की स्मस्याओं के लिए समग्र समाधान प्रदान करना है। इसके लिए फाउंडेशन पहले अध्ययन करती है और उनमें से प्रत्येक में कमियों और आवश्यकताओं की जांच करती है। उसके बाद स्कूलों में शौचालयों, बैठने की जगहों, किताबों के लिए अलमारी, दोपहर के भोजन के लिए बर्तन, कंप्यूटर प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों और शिक्षकों जैसे बुनियादी ढांचे के साथ सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, सीडब्ल्यूएफ अन्य संस्थानों के साथ नेटवर्क बनाकर इन स्कूलों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करने के लिए, उन्हें अपने संसाधनों का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। 
इन विद्यालयों में किए गए कार्यों और उसके प्रभाव को व्यक्तिगत रूप से, क्वेस कॉर्प के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अजित आइजाक द्वारा जांचा जाता है। अजित समाज के लिए कुछ बेहतर करने और उसे कुछ वापस देने को लेकर बहुत समर्पित हैं। केयरवर्क फाउंडेशन की स्थापना में वह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 
आइजक कहते हैं, ‘मैं स्कूलों में जाता हूं, शिक्षकों और बच्चों के साथ उनके मुद्दों को समझने के लिए समय बिताता हूं और देखता हूं कि क्या हमने कोई फर्क पैदा किया है। हम तीन चीजों के आधार पर प्रभाव को मापते हैं – उपस्थिति, अकादमिक प्रदर्शन और शिक्षण की गुणवत्ता।’

संयुक्त निधि में बहुत कुछ
सीडब्ल्यूएफ के 360 डिग्री दृष्टिकोण का मतलब है कि फाउंडेशन देखभाल करने के लिए अपनी संयुक्त निधि से हर समय तैयार रहता है। शिक्षा किट सुनिश्चित करने से लेकर बच्चों के लिए जीवन कौशल बढ़ाने और स्कूल में वृद्धि से लेकर उचित स्वच्छता तक - सीडब्ल्यूएफ ने इस सब को अपने अंतर्गत ले लिया है।
आइजक कहते हैं, ‘इस तरह की पहल समुदायों को कुछ वापस देने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। समाज के विकास में तेजी लाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य दो प्रमुख स्तंभ हैं और हमने समुदाय विकास को प्रोत्साहित करने के लिए इनके तहत कई छोटे तत्वों की पहचान भी की है। हमें कर्नाटक सरकार से बहुत ही उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और आगे बढ़ने हुए हमने कई और स्कूलों को सूचीबद्ध किया है।’

सीडब्ल्यूएफ की विभिन्न पहलें इस प्रकार हैं:
स्कूल संवर्धन: यह प्रमुख पहल भौतिक विद्यालय बुनियादी ढांचे को इस तरह से बनाती है, जो बच्चों के बीच स्कूलों के आकर्षण को बढ़ा देता है, उन्हें नियमित रूप से कक्षाओं में भाग लेने और उन्हें सीखने के के लिए प्रोत्साहित करती है। सरकारी स्कूलों में आधारभूत विकास के लिए नवीनीकरण एक महत्वपूर्ण पहलू है।
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों के साथ काम करना उद्देश्य है। सीडब्ल्यूएफ की मुख्य चिंता स्थाई विकास की प्राप्ति है जिसमें बच्चों, शिक्षकों और समुदाय सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से शामिल हों। जिससे उचित दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक कल्याण सुनिश्चित हो सके।

छात्रवृत्ति: सीडब्ल्यूएफ छात्रवृत्ति भारत में मेधावी छात्रों को आर्थिक रूप से सहायता करती है, जिससे कि वे अपनी पसंद की स्ट्रीम और संस्थान में उच्च शिक्षा ले सकें। 2014 से छात्रवृत्ति ने लगभग 490 छात्रों को लाभान्वित किया है, इनमें लड़कियां प्रमुख अधिक लाभान्वित हुईं हैं। यह छात्रवृत्ति भारत के युवाओं के उनके संबंधित क्षेत्रों में सामर्थ्य को दिखाती है।

शिक्षा किट: शिक्षा एक विलासिता नहीं है, यह एक आवश्यकता है। वित्तीय संसाधनों की अनुपलब्धता के परिणामस्वरूप, बहुत से परिवार अपने बच्चे की शिक्षा के लिए आवश्यक मूलभूत चीजें नहीं जुटा पाते हैं। केयरवर्क फाउंडेशन छात्रों और उनकी शिक्षा के बीच इस तरह की बाधाओं पर काबू पाने और उन्हें ज्ञान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिकार प्राप्त करने में मदद करने का प्रयास करता है।
शिक्षा किट को अकादमिक वर्ष की शुरुआत में सालाना वितरित किया जाता है और इसमें स्कूल बैग, नोट बुक, स्टेशनरी, जूते इत्यादि शामिल होते हैं। यह बच्चों को सम्मान के साथ स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित करता है और स्कूल में उनकी उपस्थिति बढ़ाता है।

स्वास्थ्य शिविर: स्वास्थ्य जांच शिविर के माध्यम से सीडब्ल्यूएफ पहले उन बच्चों की पहचान करता है जो या तो किसी भी टीका से बचने योग्य संक्रामक बीमारियों से पीड़ित हैं या उन्हें मूल टीका नहीं दिया गया है और फिर इन बच्चों का आगे का इलाज किया जाता है। सीडब्ल्यूएफ स्कूलों के बच्चों के बीच सामान्य स्वास्थ्य, सामान्य त्वचा की स्थिति, दंत और आंखों की जांच-पड़ताल करवाता है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में, सीडब्ल्यूएफ स्वास्थ्य कार्यक्रमों में 2,000 बच्चे शामिल थे और प्रमुखता से उनके दांतों की समस्याओं का इलाज किया गया।

जीवन कौशल: जीवन कौशल के बारे में बच्चों को शिक्षित करना उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना उन्हें किताबी ज्ञान देना। यह बच्चों के भीतर अनुकूल और सकारात्मक व्यवहार की क्षमताओं को विकसित करता है, जो व्यक्तियों को रोजमर्रा की जिंदगी की मांगों और चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाता है। वे मनोविज्ञान-सामाजिक कौशल का प्रतिनिधित्व करते हैं जो सम्मानित आचरण दिखाते हैं और स्वयं में चिंतनशील विचारों सहित जागरूकता समाहित करते हैं।
इसके लिए, सीडब्ल्यूएफ क्षमता निर्माण कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी स्कूलों में काम कर रहे शिक्षकों को प्रशिक्षित करता है, इस प्रकार स्कूलों के अंदर ही मानव संसाधन का निर्माण होता है। ये शिक्षक आगे इस ज्ञान को बच्चों को प्रदान करते हैं, जिससे कि उनके व्यक्तिगत जीवन, स्कूल, परिवार और सामाजिक क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देता है।

वॉश सबसे महत्वपूर्ण है
उचित जल, स्वच्छता और हाइजीन (वॉश) सुविधाओं तक पहुंच के बिना किसी भी बच्चे को 100 प्रतिशत शिक्षित नहीं किया जा सकता है। खराब हाइजीन के साथ सुरक्षित जल और स्वच्छता सेवाओं के लिए अपर्याप्त पहुंच, हर दिन हजारों बच्चों को खत्म और बीमार कर रही है। यह हजारों लोगों को गरीबी और कम अवसरों की ओर धकेल रहा है। बच्चों (विशेष रूप से लड़कियों को) को शिक्षा का अधिकार नहीं मिल पाता है, क्योंकि उनके स्कूलों में निजी और बेहतर स्वच्छता सुविधाओं की कमी है। जल आपूर्ति और स्वच्छता के लिए डब्ल्यूएचओ/यूनिसेफ द्वारा संयुक्त निगरानी कार्यक्रम (जेएमपी) के अनुमानों के मुताबिक, दुनिया की 32 प्रतिशत आबादी (2.4 बिलियन लोग) की बेहतर स्वच्छता सुविधाओं तक पहुंच नहीं है और 663 मिलियन लोगो ने 2015 में अशोधित स्रोतों से पेयजल का उपयोग किया।
इन भयानक आंकड़ो से अवगत और समाज के विकास के लिए (विशेष रूप से स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए) वॉश के अत्यधिक महत्व के प्रति जागरूक होकर, सीडब्ल्यूएफ ने अपने अपनाए हुए स्कूलों में पानी, स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष ध्यान दिया है।

पानी: सीडब्ल्यूएफ यह सुनिश्चित करता है कि हर स्कूल में शुद्ध पानी पहुंचे और बच्चों को पीने के लिए शुद्ध पानी ही दिया जाए।

स्वच्छता: सीडब्ल्यूएफ द्वारा अपनाए गए प्रत्येक स्कूल में स्वच्छ शौचालय होते हैं, जो लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग हैं। इन्हें पहले पुनर्निर्मित किया गया, फिर फाउंडेशन द्वारा लगातार इनकी देख-रेख की जाती है।

हाइजीन: हाथ धोना, सूक्ष्म जीवों के प्रसार को नियंत्रित करने और संक्रमण के विकास को रोकने के सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। सीडब्ल्यूएफ का यह प्रयास है कि 10-12 छात्रों के लिए एक ही समय में एक जगह हाथ धोने के लिए पर्याप्त सुविधा प्रदान कर दी जाए। हाथ धोने की जगह सरल और टिकाऊ है और इसमें पानी की कम खपत होती है। शिक्षकों और छात्रों दोनों को उचित तरीके से हाथ धोने की तकनीक बताई जाती है। फाउंडेशन का मानना है, ‘वॉश के बिना, स्थाई स्कूल वृद्धि कार्यक्रम असंभव है।’
सीडब्ल्यूएफ सक्रिय रूप से समुदाय में योगदान दे रहा है, साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में लोगों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। ऐसा करके, सीडब्ल्यूएफ एक स्वस्थ और शिक्षित कार्यबल का निर्माण कर रहा है, साथ ही समाज के कमजोर वर्गों को लिए सतत आजीविका प्रदान कर रहा है।



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