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मंगलवार, 17 जुलाई 2018

रामबाई का रसायन

गोमूत्र, गोबर और बेसन के सहारे उर्वरक बनाने की बात किसी ने नहीं सोची होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ की अनपढ़ महिला रामबाई ने इनकी मदद से ऐसा उर्वरक तैयार किया, जो रासायनिक उर्वरकों के मुकाबले न केवल सस्ता है, बल्कि ज्यादा उपजाऊ है

छत्तीसगढ़ के जांजगीर चंपा जिले की रहने वाली एक महिला किसान ने गोमूत्र से जैव उर्वरक तैयार किया है। रामबाई यादव जो बहेराडीह गांव की निवासी हैं और दूसरी कक्षा तक शिक्षा हासिल की हैं। यह जैव उर्वरक गोमूत्र, गोबर, बेसन और गुड़ के मिश्रण से बना है। रामबाई का कहना है कि इस उर्वरक को खेत में डालने के बाद किसी अन्य रासायनिक उर्वरक की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस जैविक उर्वरक को लोगों ने 'जीवामृत’ नाम दिया है। यह जैविक उर्वरक रासायनिक उर्वरक की अपेक्षा सस्ता है। एक गाय के गोबर और 10 लीटर मूत्र से यह जैव उर्वरक तैयार हो जाता है। यह करीब 30 एकड़ जमीन पर लगी फसल के लिए पर्याप्त है।

जैविक उर्वरक का महत्त्व

आजकल जैविक उर्वरक की मांग बढ़ती जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक जैविक उर्वरक के प्रयोग से खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, जिससे फसलों की पैदावार बढ़ती है। रासायनिक उर्वरक के प्रयोग से खेत की पैदावार कम होती जाती है, क्योंकि इससे मिट्टïी में जीवांश की मात्रा घट जाती है। रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से जमीन के नीचे का पानी प्रदूषित हो रहा है। ऐसे में जैविक उर्वरक एक वैकल्पिक व्यवस्था हो सकती है। कृषि वैज्ञानिकों की राय है कि किसान जैविक उर्वरक का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। आज जैविक उर्वरक समय की मांग हो गई है। 

रामबाई से सीख लेकर गांव के कई लोग इस जैविक उर्वरक का इस्तेमाल कर रहे हैं। आस पास के गांवों में रामबाई के 'जीवामृत’ की खूब मांग है। फिलहाल, रामबाई अभी सिर्फ अपने उपयोग के लिए ही यह जैविक रसायन बनाती हैं, लेकिन उम्मीद है कि वो जल्द ही अन्य लोगों को भी यह उपलब्ध कराएंगी ।    

सस्ता है 'जीवामृत’

रामबाई ने जो जैविक उर्वरक तैयार किया है, वह रासायनिक उर्वरक की अपेक्षा सस्ता है। एक आंकड़े के मुताबिक एक एकड़ खेत में

दस हजार रुपए के रासायनिक उर्वरक का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं रामबाई का दावा है कि 'जीवामृत’ का इस्तेमाल करने पर महज एक हजार रुपए का खर्च आता है। रामबाई बताती हैं कि यह सिर्फ गेहूं और धान की फसल के लिए ही फायदेमंद नहीं है, बल्कि यह सब्जियों के लिए भी लाभदायक है ।



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