sulabh swatchh bharat

सोमवार, 22 अप्रैल 2019

आइसक्रीम का स्वादिष्ट सफर

आइसक्रीम एक ऐसा डेजर्ट है, जिसे हर कोई खाना चाहता है, पर इस आइसक्रीम को मौजूदा शक्ल में आने में कम से कम 4000 वर्ष लगे

मौसम कोई सा भी हो, आइसक्रीम खाने का मन करता ही है। यह एक ऐसा डेजर्ट है, जिसे हर कोई खाना चाहता है। आजकल लोग अपनी पसंद के मुताबिक तरह-तरह की आइसक्रीम का स्वाद लेते हैं। लेकिन इनके आविष्कार की कहानी भी कम रोचक नहीं हैं। पूरे 4000 वर्ष लगे हैं आइसक्रीम को इन नए-नए रूपों में आने में। 
दिलचस्प है कि जब किसी को फ्रिज के बारे में पता नहीं था उस समय लोग गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों पर जमी नदियों की बर्फ को आइसक्रीम के लिए इस्तेमाल करते थे। 500 ईसा पूर्व एथेंस में बर्फ, शहद और फल वाले आइसक्रीम कोन प्रचलित थे। 13वीं सदी के अंत में आइसक्रीम की रेसिपी एक व्यापारी मार्को पोलो यूरोप ले गए, जहां यह काफी पसंद की गई।
आइए जानते हैं, आइसक्रीम के इतिहास से जुड़ी रोचक बातें-

सीरिया का रिकॉर्ड
अब तक आइसक्रीम का पहला लिखित रिकॉर्ड सीरिया का है। 1780 ईसा पूर्व पत्थर पर अंकित प्राचीन लिपि के अनुसार मारी के राजा ने एक आइस हाउस बनवाया था, जिसमें पहाड़ों से बर्फ लाकर जमा की जाती थी।

ईरान में भी थे आइस हाउस
ईरान में ईसा से 500 साल पहले पर्शियन लोग सर्दियों की बर्फ को अपने आइस हाउस में संजोकर रखते थे, जिन्हें यखचल कहा जाता था। पर्शियन भाषा में यख का मतलब बर्फ और चल का अर्थ गड्ढा है। इस बर्फ को वह पूरे साल तक बचाकर रखते थे। उसे वह अंगूर के रस के साथ मिलाकर खाते थे।

सिकंदर की पसंद
करीब 350 वर्ष ईसा पूर्व के उल्लेखों से पता चलता है कि सिकंदर भी आइसक्रीम का बहुत शौकीन था। वह शहद और फूलों के शरबत से बनी आइसक्रीम खाता था, जबकि 54 में फ्रांस का शासक नीरो फलों के रस से बनी आइसक्रीम खाता था।

पहली बार दूध का प्रयोग
चीन का राजा तेंग (सन 618 से 697) दूध से बनी आइसक्रीम खाता था। उसने 90 लोग इसे बनाने के लिए रखे थे। यहां युवराज झांगहुई के मकबरे पर बनी एक पेंटिंग में कुछ महिलाएं आइसक्रीम खा रही हैं।

यूरोप में आई नई रेसिपी
आइसक्रीम की यह नई रेसिपी इटली का व्यापारी मार्को पोलो (सन 1254-1324) पूर्वी देशों से लेकर वापस लौटा था, जिसे शरबत कहा जाता था।

ऐसे फ्रांस आई आइसक्रीम
सन 1533 में इटली की राजकुमारी का विवाह फ्रांस के राजा हेनरी-2 से हुआ था। राजकुमारी अपने साथ कुछ इटेलियन शेफ भी ले आई थी, जो जायकेदार बर्फ की रेसिपी जानते थे। सन 1660 में पेरिस के एक कैफे ने दूध, क्रीम, मक्खन और अंडे को फेंटकर आइसक्रीम बनाने की रेसिपी को प्रचारित किया।

चार्ल्स-2 ने गुप्त रखी रेसिपी
सन 1671 में पहली बार ब्रिटेन के शासक चार्ल्स-2 के पास आइसक्रीम पहुंची। वह उससे इतना प्रभावित हुआ कि उसने अपने आइसक्रीम बनाने वाले कुक को इसकी रेसिपी गुप्त रखने के लिए आजीवन पेंशन दी। 1744 में ऑक्सफोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी में आइसक्रीम शब्द प्रकाशित हुआ।

इंग्लैंड से अमेरिका पहुंची आइसक्रीम
अमेरिका में क्वेकर मूवमेंट के लोग आइसक्रीम लेकर आए, जो इंग्लैंड से आकर वहां बस गए थे। बेंजामिन फ्रैंकलिन, जॉर्ज वाशिंगटन, थॉमस जैफरसन जैसे महान लोग आइसक्रीम खाने वालों की लिस्ट में थे।

फादर ऑफ आइसक्रीम इंडस्ट्री
सन 1851 में इंसुलेटिड आइस हाउस के आविष्कार से आइसक्रीम को बड़े पैमाने पर तैयार किया जाने लगा। अमेरिका के बाल्टीमोर के दूध व्यापारी जैकब फसेल ने बड़े पैमाने पर आइसक्रीम का उत्पादन शुरू किया, जिससे यह आम आदमी तक पहुंच गई।

क्वीन ऑफ आइसेज
इंग्लैंड की एग्नेस मार्शल ने सन 1885 से 1894 तक आइसक्रीम पर चार पुस्तकें लिखीं, जिससे इसकी प्रसिद्धि चारों ओर फैल गई। उन्होंने आइसक्रीम बनाने के लिए लिक्विड नाइट्रोजन का प्रस्ताव रखा।

आइसक्रीम संडे 
रॉबर्ट ग्रीन ने सन 1874 में आइसक्रीम सोडा का आविष्कार किया। 20वीं सदी के अंत तक ‘आइसक्रीम संडे’ का आविष्कार हो गया। अब आइसक्रीम में फल और मेवा आदि को मिलाया जाने लगा।



Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो