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सोमवार, 20 मई 2019

डॉ. विन्देश्वर पाठक को डी.लिट. की मानद उपाधि

कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में संपन्न हुए दीक्षांत समारोह में बिहार के राज्यपाल श्री लालजी टंडन ने डॉ. पाठक को डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की

महान मानवतावादी और समाज सुधारक डॉ. विन्देश्वर पाठक के मिले राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों, पुरस्कारों और मानद उपाधियों की सूची में एक और विशिष्ट विवरण जुड़ गया है। हाल में कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में संपन्न हुए दीक्षांत समारोह में सुलभ प्रणेता डॉ. पाठक को डी.लिट. की मानद उपाधि प्रदान की गई। डॉ. पाठक को यह उपाधि बिहार के राज्यपाल श्री लालजी टंडन के हाथों मिली।
डॉ. पाठक ने स्वच्छता के मंत्र के साथ समाज के पिछले तबकों के जीवन में बीते पांच दशकों में सुधार लाने का महान कार्य किया है। देश-दुनिया को स्वच्छता का समाजशास्त्र की सीख देने वाले डॉ. पाठक का देश के सामाजिक सुधार आंदोलन में सबसे बड़ा योगदान यह है कि उन्होंने जहां एक तरफ सिर पर मैला ढोने जैसी कुप्रथा का नैतिक,सामाजिक और तकनीकी स्तर पर खात्मे का बड़ा मिशन अपने हाथों में लिया, वहीं उन्होंने दुनिया के सामने गांधी जी के बाद रचनात्मक समाज सुधार आंदोलन का नया सर्ग शुरू किया है। गौरतलब है डी. लिट. की मानद उपाधि पाने वाले डॉ. पाठक इससे पहले स्वयं पटना विश्वविद्यालय से ‘स्कैवेंजिंग की समस्या दूर करने और पर्यावरणीय स्वच्छता’ विषय पर डी.लिट. की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं।



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