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शनिवार, 26 मई 2018

जीतेश गढ़िया ने ली ऋगवेद की शपथ

ब्रिटिश संसद में पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के सांसद हैं जितेश भारतीय मूल के सांसद ने ब्रिटिश संसद को भेंट में दिया ऋग्वेद

भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद जितेश गढिया ने हाल में ब्रिटेन के संसदीय इतिहास में वह कर दिखाया, जो आज तक नहीं हुआ था। उन्होंने भारतीय प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद की शपथ लेकर ब्रिटिश संसद में नया इतिहास रच दिया।

ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स (उच्च सदन) में ब्रिटिश भारतीय सांसद के रूप में चुने गए इन्वेस्टमेंट बैंकर जितेश गढिया सबसे कम उम्र के हैं। उन्होंने 12 सितंबर 2016 को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ ली। वैसे तो ब्रिटेन के इस उच्च सदन में भारतीय मूल के करीब 20 सांसद हैं, लेकिन अभी तक किसी ने ऋग्वेद की शपथ नहीं ली थी। ऐसा भी नहीं कि ब्रिटेन की संसद में किसी प्रकार का प्रतिबंध है। यहां की संसद में शपथ के लिए बाइबल के अलावा अन्य धार्मिक ग्रंथ चुनने की भी अनुमति है। कोई भी सदस्य किसी धार्मिक ग्रंथ पर हाथ रखकर शपथ ले सकता है।

गुजरात से संबंध रखने वाले जितेश गढिया जब पार्लियामेंट पहुंचे तो ऋग्वेद के 167 वर्ष पुराने संस्करण की वह प्रति भी उनके साथ थी, जिस पर हाथ रखकर उन्होंने शपथ ली। इस संस्करण को 1849 में जर्मन विद्वान मैक्समूलर ने संपादित और प्रकाशित किया था। शपथ लेने के बाद जितेश ने ऋग्वेद की वह प्रति ब्रिटिश संसद को भेंट कर दी। शपथ लेने के बाद जितेश ने संसद में कहा कि वे उस समय ब्रिटिश संसद का हिस्सा बनने जा रहे हैं जब ब्रेक्सिट के बाद ब्रिटेन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। अब भारत-ब्रिटेन संबंधों को नया आयाम मिलना है।

हाईलाइट

भारतीय मूल के सांसद ने ब्रिटिश संसद को भेंट में दिया ऋग्वेद

 


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