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शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

पहली एयर डिस्पेंसरी पूर्वोत्तर में

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय सुदूरवर्ती क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर आधारित डिस्पेंसरी सेवा सुलभ कराने की जो संभावनाएं तलाश रहा था, वह अब मूर्त रूप लेने जा रहा है

देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में ही भारत की प्रथम ‘एयर डिस्पेंसरी’ स्थापित की जाएगी, जो एक हेलीकाप्टर में अवस्थित होगी। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) मंत्रालय ने इस पहल के लिए आरंभिक वित्त पोषण के एक हिस्से के रूप में 25 करोड़ रुपए का योगदान पहले ही कर दिया है। इस आशय की जानकारी देते हुए केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय इस तरह के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में हेलीकाप्टर आधारित डिस्पेंसरी/ओपीडी सेवा सुलभ कराने की संभावनाएं तलाश रहा था। 
उन्होंने कहा कि ऐसे सुदूरवर्ती क्षेत्रों में यह सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, जहां कोई भी डॉक्टर या चिकित्सा सुविधा सुलभ नहीं होती है और जरूरतमंद मरीजों को किसी भी तरह की चिकित्सा सेवा नहीं मिल पाती है। उन्हों ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है और यह अब केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय में अनुमोदन के अंतिम चरण में है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने विमानन क्षेत्र और हेलिकॉप्टर सेवा/पवन हंस के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ये बातें कहीं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय इस प्रस्ताव को गंभीरता के साथ आगे बढ़ा रहा है, ताकि वर्ष 2018 के आरंभ में यह केंद्र सरकार की ओर से पूर्वोत्तर क्षेत्र की आम जनता को एक अनुपम उपहार के रूप में प्राप्त  हो सके। आज भी भारत की लगभग एक तिहाई आबादी को अस्पतालों में समुचित ढंग से बिस्तर उपलब्ध नहीं हो पाता है, जिसके चलते दूरदराज के इलाकों में रहने वाले निर्धन मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सेवा सुलभ नहीं हो पाती है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की पहल पर पूर्वोत्तर क्षेत्र में किए जा रहे इस प्रयोग को अन्य पहाड़ी राज्यों  जैसे कि हिमाचल प्रदेश और जम्मूू-कश्मीर में भी अपनाया जा सकता है।
आरंभ में इस योजना के तहत हेलिकॉप्टर को दो स्थलों यथा मणिपुर के इंफाल और शिलांग के मेघालय में अवस्थित किया जाएगा। इन दोनों ही शहरों में प्रमुख स्नातकोत्तर चिकित्सा संस्थान हैं जहां के विशेषज्ञ डॉक्टर आवश्यक उपकरणों एवं सहायक कर्मचारियों के साथ हेलिकॉप्टर के जरिए पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी आठों राज्यों के विभिन्न स्थानों पर पहुंच कर डिस्पेंेसरी/ओपीडी सेवा मुहैया करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वापसी के दौरान उसी हेलिकॉप्टर से जरूरतमंद मरीज को शहर में लाकर संबंधित अस्पताल में भर्ती भी कराया जा सकता है। 
पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए अन्य नई हेलिकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध कराने की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आरंभ में इंफाल, गुवाहाटी और डिब्रुगढ़ के आसपास अवस्थित क्षेत्र में छह मार्गों पर दोहरे इंजन वाले तीन हेलिकॉप्टेरों का परिचालन सुनिश्चित किया जाएगा। 



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