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शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

उषा किरण - पहली महिला कोबरा कमांडो

सीआरपीएफ की ट्रेनिंग खत्म होने पर मांगी सबसे मुश्किल इलाके में तैनाती

छत्तीसगढ़ में नक्सली वारदातों में पुलिस और कई बार आम लोगों के भी मारे जाने की खबरें आए दिन सुनने में आती हैं। घने जंगलों या दूरदराज गांवों में इस खौफ की वजह से अच्छे-अच्छे जाने से घबराते हैं, वहीं कोबरा कमांडो फोर्स की पहली महिला उषा किरण यहां बेखौफ घूमती हैं। वह सीआरपीएफ से देश की पहली महिला अफसर हैं, जो नक्सली इलाके में तैनात हैं। यह तैनाती उषा ने खुद मांगकर ली। महज 27 साल की उम्र में उषा के पास उपलब्धियों की अच्छी-खासी फेहरिस्त है।गुरुग्राम की रहने वाली उषा ने 2013 में सीआरपीएफ की परीक्षा में देश में 295वां रैंक हासिल किया। इनके पिता और दादा भी सीआरपीएफ में रह चुके हैं। 25 वर्ष की उम्र में उषा ने सीआरपीएफ की मुश्किल ट्रेनिंग पूरी कर ली और फोर्स में शामिल हो गईं। 
ट्रिपल जंप में राष्ट्रीय स्तर की विजेता उषा ने ट्रेनिंग के बाद सीनियरों से एक ही मांग की कि उन्हें किसी मुश्किल इलाके में नियुक्ति चाहिए, जैसे कि जम्मू-कश्मीर, उत्तर-पूर्वी राज्य या फिर नक्सल इलाके। 
उषा की बहादुरी और जज्बे को देखते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ के बस्तर की दरभा घाटी में नियुक्ति मिली। बता दें कि ये इलाका नक्सली वारदातों का गढ़ माना जाता है, जहां 25 मई 2013 को हुए हमले में कई नेताओं समेत 32 लोग मारे गए थे। 



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