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सोमवार, 20 मई 2019

योगा करती मुस्लिम महिलाएं

मुस्लिम महिलाओं ने कहा हमें योग करने में कोई आपत्ति नहीं है बल्कि इससे हमारा स्वास्थ्य बेहतर होता है।

अहमदाबादः इस्लाम में सूर्य नमस्कार और योग का लोग आज भी पुरजोर विरोध करते हैं, लेकिन अहमदाबाद की कुछ मुस्लिम महिलाएं इन बातों को बिल्कुल नहीं मानती हैं। इस शहर की बहुत सी महिलाएं रोज सुबह योगा की ट्रेनिंग ले रही हैं। इन महिलाओं को सूर्य नमस्कार करने में भी कोई आपत्ति नहीं है।

बता दें कि कुछ महीने पहले ही एक एनजीओ ने यहां योगा क्लासेज स्टार्ट की थी, जिसमें अब तक 32 मुस्लिम महीलाएं शामिल हो चुकी हैं। अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में इन महिलाओं की संख्या और बढ़ेगी। अगले सप्ताह में अहमदाबाद के खानपुर इलाके में एक और योगा क्लासेज स्टार्ट किया जाएगा। इस योगा क्लासेज में कांग्रेंस नेता अजरा कादरी भी शामिल है। उन्होंने कहा है कि योगा भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। इसे किसी धर्म से जोड़ कर नहीं देखना चाहिए। किसी भी धर्म, जाति का योग से कोई लेना देना नहीं है।

एनजीओ से जुड़ी फरहत जहान सैयद ने कहा कि योगा मुस्लिम महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति सक्रिय और सचेत बनाता है। इसके अलावा हमारा मकसद है कि मुस्लिम महिलाएं भी समाज में बाहर निकल कर सशक्त बने और सक्रिय रहें। उन्होंने कहा कि योग एक विज्ञान है, इसका किसी धर्म से कोई संबंध नहीं है। बता दें कि पिछले साल कुछ धर्म गुरुओं ने योगा का विरोध किया था। धर्म गुरुओं ने योगा और सूर्य नमस्कार को गैर-इस्लामिक बताया था।



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