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शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

अस्थिर पर स्वच्छता के लिए तत्पर राष्ट्र

निकारागुआ जल और स्वच्छता के मामले में अपने समकक्ष कई देशों से काफी आगे है

निकारागुआ आज दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा के कारण काफी असामान्य स्थिति है। इस कारण इस देश में लोकतंत्र की नींव अभी उतनी गहरी नहीं हुई है। पर यह भी दिलचस्प है कि इस सबका वहां की स्वच्छता की स्थिति पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ा है। सीईए वर्ल्ड फैक्टबुक के आंकड़े बताते हैं कि यह देश जल और स्वच्छता के मामले में अपने समकक्ष कई देशों से काफी आगे है। 

जल एवं स्वच्छता
निकारागुआ की शहरी आबादी का 76 फीसदी से ज्यादा हिस्सा उन्नत और सुरक्षित स्वच्छता सेवाओं का लाभ उठा रहा है, तो वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या 55 फीसद से ज्यादा है। स्थिति को बहुत संतोषजनक अगर न कभी कहा जाए तो इसे बहुत विकट स्थिति भी नहीं कहा जा सकता। संयुक्त राष्ट्र के साथ अमेरिका जैसे देश तकनीकी और आर्थिक मदद से निकारागुआ में स्वच्छता की स्थिति बेहतर बनाने में जुटे हैं। 

मध्य अमेरिका का लोकतंत्र   
निकारागुआ मध्य अमेरीका के जनतंत्रों में से एक है। इसका झीलों सहित संपूर्ण अनुमानित क्षेत्रफल 57,143 वर्ग मील है। इस राज्य के उत्तर में हॉण्डुरास, पूर्व में कैरिबियन सागर, दक्षिण में कोस्टारिका तथा प्रशांत महासागर स्थित है। कैरिबियन तथा प्रशांत महासागरों की तटरेखाओं की लंबाई क्रमश: 336 तथा 219 मील है। यहां की राजधानी मानागुआ है। स्पेनिश भाषा देश की मुख्य भाषा है। भारतीय बोलियां भी कहीं-कहीं प्रचलित हैं। मसकीटिया तट पर अंग्रेजी का प्रयोग मिलता है। निकारागुआ में रोमन कैथोलिक धर्मावलंबियों की संख्या सर्वाधिक है। इसके बाद प्रोटेस्टैंटों का नंबर आता है।

तीन प्राकृतिक भाग
त्रिभुजाकार निकारागुआ तीन प्राकृतिक भागों में विभक्त है। पहला भाग हॉण्डुरास के उच्च प्रदेश का विस्तार है, जो सबसे बड़ा है। यह संपूर्ण प्रदेश पृथ्वी के वलन एवं भ्रंशन क्रिया से निर्मित है। इसका पश्चिमी भाग ज्वालामुखी पर्वत के उद्गारों से परिपूर्ण है। इसकी ऊंचाई 5,000 फुट तथा 7,000 फुट के मध्य है। पूर्व की ओर ढाल साधारण है।
दूसरा भाग मसकीटिया नाम से प्रसिद्ध है, जो अपेक्षाकृत नीचा, चौड़ा तथा तटीय प्रदेश है। निकारागुआ का तटीय प्रदेश अटलांटिक सागर की तरफ अधिक चौड़ा है। कैरिबियन सागर की गर्म तथा भापभरी हवाओं द्वारा तटीय प्रदेश में अत्यधिक वर्षा तथा 20-30 मील दूर स्थित पृष्ठ भागों में वर्षा हल्की हो जाती है। पठारी प्रदेश की जलवायु नम तथा मिट्टी उपजाऊ है।
तीसरा भाग यद्यपि क्षेत्रफल में सबसे न्यून है तथापि जनसंख्या की दृष्टि से यह प्रमुख है। इस निचले विभाग का संपूर्ण विस्तार उत्तर-पश्चिम में फौंसेका की खाड़ी  तथा दक्षिणपूर्व में कोस्टारिका के मध्य में है। यहां की प्राकृतिक बनावट में मानागुआ तथा निकारागुआ नामक झीलों तथा सान जुआन नदी घाटी का नाम विशेष उल्लेखनीय है। निकारागुआ झील समुद्रतल से 106 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। यह 100 मील लंबी, 45 मील चौड़ी है। मानागुआ झील समुद्र तल से 127 फुट की ऊंचाई पर है। इसकी लंबाई 35 मील एवं चौड़ाई 16 मील है। यहां की कोई प्रसिद्ध नदी प्रशांत महासागर में नहीं गिरती और न ही किसी भी नदी में यातायात सुलभ है।

भूमध्यरेखीय वनस्पति
यहां की प्राकृतिक वनस्पति भूमध्यरेखीय तथा अर्ध भूमध्यरेखीय है। कैरिबियन तट पर जहां अधिक वर्षा होती है, वहां घने जंगल तथा कुछ ही मील दूर उत्तरी ऊष्ण प्रदेश में पतझड़ वाले वन एवं उच्च स्थानों में ओक तथा पाइन वृक्ष के वन पाए जाते हैं। उपर्युक्त दो झीलों के उत्तर-पूर्वी सीमा प्रदेशों में सूखे झाड़ीदार वन हैं। यहां तकरीबन 70 तरह के फलदार वृक्ष उगते हैं, जिनमें 55 या 60 प्रकार के फल खेतों में उगाए जाते हैं। जीव-जंतुओं में जुगौर, ​िहरण, बंदर, तोते और मधुमक्खियां आदि प्रमुख हैं। प्रसिद्ध व्यापारिक लकड़ियों महोगनी, गुलाब लकड़ी, एबोनी, गोंद तथा रंग तैयार करने की लकड़ियां यहां पाई जाती हैं।

अमेरिका का व्यापारिक साथ
कैरिबियन सागरतट की तरफ सोने की दो खानें तथा प्रशांत तटीय भागों में कई खानें हैं। खनन कार्य की सबसे बड़ी कठिनाई राज्य का दुर्गम यातायात है। यहां का अधिकांश व्यापार अमेरिका तथा कनाडा की कंपनियों के हाथ में हैं। इसके अतिरिक्त तांबा, सीसा, लोहा, पारा, नमक, चूना, सल्फेट टिन आदि की भी बहुलता है। यहां की जनसंख्या 15,40,655 (1963) थी। संपूर्ण जनसंख्या का करीब 70 प्रतिशत कृषिकार्य में व्यस्त है। यहां की प्रमुख फसल कहवा है, जिसके उत्पादन तथा व्यापार पर द्वितीय महायुद्ध का बहुत बड़ा कुप्रभाव रहा। दूसरी प्रमुख फसल केला है। अन्य फसलों में गन्ना, कपास, नारियल, मक्का तिल आदि हैं।



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