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सोमवार, 22 अप्रैल 2019

पुष्प कमल - विज्ञान का नया पुष्प

पटना के छात्र अमल पुष्प को रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ने अपने फेलो के तौर पर चुना है

भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक और नया कीर्तिमान स्थापित कर लिया है। पटना के रहनेवाले अमल पुष्प को रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी ने ब्लैक होल पर किए गए उनके रिसर्च पेपर वर्क की बदौलत अपने फेलो के तौर पर चुना है। केवल 18 साल की उम्र में वे संभवत: इस फेलोशिप को पानेवाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति बन गए हैं। अमल को कैंब्रिज विश्वविद्यालय के शीर्ष ब्रिटिश खगोलविद और एमरिटस प्रोफेसर लॉर्ड मार्टिन रीस की ओर से नामांकित किया गया था। प्रोफेसर रीस की मानें तो वे अमल के रिसर्च पेपर वर्क से काफी प्रभावित हैं।
अमल का सफर अंतरराष्ट्रीय साइंटिफिक कम्युनिटी में अपनी पहचान बनाने का उस वक्त शुरू हुआ, जब उन्होंने अपने रिसर्च वर्क का एक पेपर नेशनल सेंटर फॉर बेसिक साइंस के प्रोफेसर पार्थव घोष को भेजा। वे अमल के पेपर वर्क से बहुत प्रभावित हुए और इसे और इसे आगे बढ़ाने का समर्थन किया। 
गौरतलब है कि नासा के वैज्ञानिकों ने सबसे अधिक दूरी पर स्थित एक विशालकाय ब्लैक होल का पता लगाया था जो सूर्य के द्रव्यमान से 80 करोड़ गुणा बड़ा है। ब्लैक होल के बारे में ये भी कहा जाता है की इस खगोलीय विवर में जो भी वस्तु जाती है, वह वापस नहीं लौटती। ब्लैक होल अंतरिक्ष में वह जगह है, जहां भौतिक विज्ञान का कोई नियम काम नहीं करता।



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