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बुधवार, 19 जून 2019

​सीता से पुनर्परिचय

भारतीय जीवन परंपरा में धार्मिक कथाअों या पौराणिकता का विनियोग सबसे ज्यादा है।

ईश्वर के रूपों से लेकर उनके किस्से हमारे जीवन में आज भी नैतिकता का रंग भरते हैं। इनमें राम, कृष्ण और शिव जैसे किरदार को लेकर तो भारतीय जनमानस सर्वाधिक आस्थावान है। बात करें महिला पात्रों की तो इसमें जो नाम सबसे पहले ध्यान में आता है, वह है सीता। वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास की रामचरित मानस की सीता को हम, राजा जनक की बेटी, भगवान राम की पत्नी और लव-कुश की मां के रूप में ही ज्यादा जानते हैं। पौराणिक कथाअों और पात्रों को आधुनिक संदर्भ में पेश करने वाले अमीश ने सीता को लेकर जो अौपन्यासिक ताना-बाना बुना है, उसमें सीता के साथ महिला सशक्तिकरण का आधुनिक पक्ष काफी बेहतर तरीके से उभरा है। धार्मिक पात्रों को एक नए, सजीव और विश्वसनीय रूप में देखने, जानने और पढ़ने की इच्छा रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन उपन्यास है।



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