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शनिवार, 17 नवंबर 2018

मीनाक्षी अम्मा - तलवारबाज अम्मा को पद्मश्री

76 साल की उम्र में भी तलवारबाजी करती हैं मीनाक्षी अम्मा

 

 

 

इस साल पद्म पुरस्कारों में मुख्य जोर देश के गुमनाम नायकों को सम्मानित करने पर रहा। विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान के लिए इस साल 89 हस्तियों को पद्म पुरस्कार के लिए चुना गया। सात हस्तियों को पद्म विभूषण और सात हस्तियों को पद्म भूषण सम्मान देने का ऐलान किया गया। इस बार के पद्म पुरस्कारों में तरजीह उन लोगों को दी गई, जो किसी न किसी तरह से अपने अनेक कार्यों से देश की सेवा और आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतरीन मिसाल कायम कर रहे हैं। इसी पहल के तहत 'ग्रैनी विद द सोर्ड’ यानी कि तलवार वाली दादी अम्मा के नाम से मशहूर 76 साल की मीनाक्षी अम्मा को भारतीय मार्शल आर्ट 'कलारीपयट्टू’ में अपने विशेष योगदान के लिए पद्मश्री के लिए चुना गया है।

मीनाक्षी अम्मा को देश की सबसे उम्रदराज तलवारबाज माना जाता है। उन्होंने 7 साल की उम्र में ही मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी थी। 68 साल से ज्यादा समय से मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग देने वाली अम्मा के कई स्टूडेंट्स अब खुद गुरु बन चुके हैं। कुछ समय पहले मीनाक्षी अम्मा का एक वीडियो सोशल मीडया में काफी वायरल हुआ। इसे लाखों लोगों ने देखा।  इसमें एक इवेंट के दौरान वो बहुत ही चुस्त और तेज तर्रार नजर आ रही थीं। प्रतियोगिता में अम्मा अपने से आधी उम्र के एक शख्स से बेहद खतरनाक ढंग से मुकाबला कर रही थीं।



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