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सोमवार, 15 अक्टूबर 2018

जे एस खेहर - भारत के नए मुख्य न्यायाधीश

दिहाड़ी मजदूरों, अस्थायी एवं अनुबंध कर्मचारियों के लिए 'समान कार्य के लिए समान वेतन’ के सिद्धांत के पैरोकार न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर भारत के 44वें प्रधान न्यायाधीश बनाए गए हैं। 64 वर्षीय खेहर सिख समुदाय से ताल्लुक रखने वाले प्रथम प्रधान न्यायाधीश हैं। बीते 4 जनवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने न्यायमूर्ति खेहर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

पिछले माह तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर ने उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश यानी न्यायमूर्ति खेहर को इस पद पर नियुक्त किए जाने की सिफारिश की थी। न्यायमूर्ति खेहर 27 अगस्त तक इस पद पर रहेंगे। एनजेएसी मामले में पीठ की अध्यक्षता करने के अलावा न्यायमूर्ति खेहर उस पीठ की भी अध्यक्षता कर चुके हैं, जिसने अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के सरकार के फैसले को खारिज कर दिया था। न्यायमूर्ति खेहर उस पीठ के भी सदस्य थे, जिसने सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की दो कंपनियों द्वारा निवेशकत्र्ताओं की रकम वापस नहीं किए जाने की स्थिति में रॉय को जेल भेज दिया था। वह नियमित कर्मचारियों जैसे कर्तव्यों का निवर्हन करने वाले दिहाड़ी मजदूरों, अस्थायी एवं अनुबंध कर्मचारियों के लिए 'समान कार्य के लिए समान वेतन’ के सिद्धांत की पैरोकारी करने वाला अहम फैसला सुनाने वाली पीठ के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।



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