sulabh swatchh bharat

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018

वसंत शर्मा - रोटी के रहनुमा

वसंत शर्मा प्रतिदिन सायकिल से 6 किमी चलते हैं और रास्ते में मिलने वाले बेघरों और जरूरतमंद लोगों को रोटी मुहैया कराते हैं। वह यह कार्य प्रतिदिन करते हैं। जिन घरों से रोटी बांटने के लिए मिलती थी, वे छठ पूजा पर दो दिन तक देने के लिए सहमत नहीं हुए। वसंत ने इन दोनों दिनों रेस्टोरेंट से रोटी लेकर लोगों को बांटा।

भगवान की कृपा से इस बूढ़े व्यक्ति को कोई रोग नहीं है। ये तीन बच्चों के पिता भी हैं। इन्हें अपने बेटों पर गर्व है। इनके बड़े बेटे का नाम आजाद शर्मा और छोटे बेटों का नाम डबलू कुमार और शशि कुमार है। तीनों बेटे पिता के डेयरी के व्यापार और किसानी में मदद करते हैं।

वह सायकिल से करीब 250 लोगों के घर जाते हैं। रोटी और दाल इक्ट्ठा करते हैं। वे शाम 5 बजे तक इसे एकत्रित करते हैं और शाम 6 बजे तक इसे लोगों को बांटकर फ्री हो जाते हैं। वसंत ने यह काम पूरे लगन और समर्पण के साथ किया। इसे देखकर जिन लोगों ने उन्हें यह काम सौपा था, वे इस कार्य के बदले इन्हें पैसा देने की पेशकश करने लगे। लेकिन उन्होंने लेने से इंकार कर दिया। वसंत ने अपने व्यक्तिगत प्रयास से 'रोटी' नाम के एक एनजीओ की स्थापना की। यह एनजीओ 250 जरूरतमंद घरों के लिए लंच बॉक्स तैयार करता है।



Bringing smiles to every face hindi ad copy %281%29

ऑडियो